Sudan Conflict: सूत्रों ने कहा है कि भारत सूडान (Indian Citizens in Sudan) में फंसे भारतीयों को सड़क मार्ग से निकालने की योजना बना रहा है, जहां अर्धसैनिक रैपिड सपोर्ट फोर्स और सूडानी सशस्त्र बलों के बीच दो सप्ताह से संघर्ष चल रहा है। सूत्रों ने कहा कि जो लोग संघर्ष एरिया से बाहर हैं और कम हिंसा वाले क्षेत्रों में हैं उन्हें सड़क मार्ग से निकाला जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक, हिंसक एरिया से बाहर के लोगों को पहले बचाया जाएगा। लगातार हिंसा और फायरिंग वाले इलाकों में फंसे भारतीयों को हिंसा कम होते ही वहां से निकाल लिया जाएगा। राजधानी में संघर्ष शुरू होने के तुरंत बाद खार्तूम इंटरनेशनल एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया था।
बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिंसा प्रभावित सूडान में भारतीयों से संबंधित स्थिति की समीक्षा के लिए शुक्रवार 21 अप्रैल को एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को अधिकारियों को संघर्षग्रस्त देश में फंसे लगभग 3,000 भारतीय नागरिकों के लिए आकस्मिक निकासी योजना तैयार करने का निर्देश दिया।
लगभग 3000-4000 भारतीय सूडान में फंसे हुए हैं और उनमें से अधिकांश राजधानी खार्तूम में फंसे हुए हैं, जो लड़ाई का केंद्र है। PMO ने कहा, "प्रधानमंत्री मोदी ने सूडान में हाल के घटनाक्रमों का आकलन किया और देश भर में वर्तमान में स्थित 3,000 से अधिक भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के साथ जमीनी स्थितियों की पहली रिपोर्ट प्राप्त की।"
न्यूज 18 को सूत्रों ने बताया कि भारत फंसे हुए भारतीयों की सुरक्षा को लेकर काफी गंभीर है और उनकी निकासी की योजना बना रहा है। इस बीच, सऊदी विदेश मंत्रालय ने कहा है कि शनिवार को भारतीय नागरिकों सहित 150 से अधिक लोगों को सूडान से बचाया गया और जेद्दा ले जाया गया।
सऊदी ने कुछ भारतीयों को निकाला
एक बयान में कहा गया है कि 91 सऊदी नागरिक और 12 अन्य देशों कुवैत, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र, ट्यूनीशिया, पाकिस्तान, भारत, बुल्गारिया, बांग्लादेश, फिलीपींस, कनाडा और बुर्किना फासो के लगभग 66 नागरिक देश में सुरक्षित रूप से पहुंचे।
सूडान में जारी संघर्ष के बीच अमेरिकी बलों ने इस अफ्रीकी देश में स्थित अमेरिकी दूतावास के कर्मियों को बाहर निकाल लिया है। वहीं, फ्रांस ने भी पूर्वोत्तर अफ्रीकी देश से निकासी अभियान भी शुरू किया है। सूडान की राजधानी खार्तूम सहित देश के अन्य हिस्सों में हुई हिंसा में एक भारतीय समेत 400 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।
यह संघर्ष देश के सैन्य नेतृत्व के भीतर ताकत के संघर्ष का सीधा परिणाम है। देश में सूडान की नियमित सेना और ‘रैपिड सपोर्ट फोर्सेस’ नामक अर्द्धसैन्य बल के बीच टकराव के कारण यह हिंसा हुई है। विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि संघर्षग्रस्त सूडान में फंसे भारतीयों को सुरक्षित निकालने की तैयारी के लिए भारत कई विकल्पों पर काम कर रहा है। भारतीय वायुसेना के दो C-130J विमानों को जेद्दाह में तैनात रखा गया है और INS सुमेधा पोर्ट सूडान पहुंच चुका है।