सुप्रीम कोर्ट का CEC-EC के चयन के लिए CJI को पैनल से हटाने वाले नए कानून पर रोक लगाने से इनकार

नए कानून में प्रावधान है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति एक चयन समिति की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी जिसमें प्रधानमंत्री (अध्यक्ष), संसद में विपक्ष के नेता (सदस्य), पीएम द्वारा नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री (सदस्य) होंगे। विपक्ष ने केंद्र सरकार पर चयन समिति से CJI को हटाकर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना करने का आरोप लगाया है

अपडेटेड Jan 12, 2024 पर 1:10 PM
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Supreme Court नए कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गई

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने उस समिति द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) और निर्वाचन आयुक्तों (ECs) की नियुक्ति से संबंधित नए कानून पर रोक लगाने से शुक्रवार को इनकार कर दिया, जिसमें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) शामिल नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट ने CEC और EC का चयन करने वाले पैनल से CJI को बाहर करने वाले नए कानून पर अंतरिम रोक लगाने के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ हालांकि, नए कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करने के लिए सहमत हो गई और उसने केंद्र को एक नोटिस जारी किया।

पीठ ने नए कानून पर रोक लगाने का अनुरोध करने वाली कांग्रेस नेता जया ठाकुर की ओर से पेश हुए वरिष्ठ वकील विकास सिंह से याचिका की एक कॉपी केंद्र सरकार के वकील को देने को कहा। पीटीआई के मुताबिक सिंह ने कहा, "कृपया इस कानून पर रोक लगाएं।" इस पर पीठ ने सिंह से कहा, "नहीं, दूसरे पक्ष को सुने बगैर हम रोक नहीं लगा सकते। हम नोटिस जारी करेंगे।"

मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के लिए अधिकृत समिति में CJI को शामिल न किए जाने को लेकर राजनीतिक विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट में ठाकुर समेत कई लोगों ने याचिकाएं दायर की है।


याचिकाकर्ताओं की दलील

वकील गोपाल सिंह ने भी सुप्रीम कोर्ट का रुख कर नए कानून को रद्द करने का अनुरोध किया जो केंद्र सरकार को चुनाव आयोग में नियुक्तियां करने की विशेष शक्तियां प्रदान करता है। सिंह द्वारा दायर याचिका में सुप्रीम कोर्ट से मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति के लिए एक निष्पक्ष और स्वतंत्र चयन समिति वाली स्वतंत्र और पारदर्शी चुनाव सिस्टम लागू करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है।

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क्या है नया कानून?

नए कानून में प्रावधान है कि मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति एक चयन समिति की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्वारा की जाएगी जिसमें प्रधानमंत्री (अध्यक्ष), संसद में विपक्ष के नेता (सदस्य), पीएम द्वारा नामित केंद्रीय कैबिनेट मंत्री (सदस्य) होंगे। विपक्ष ने केंद्र सरकार पर चयन समिति से CJI को हटाकर सुप्रीम कोर्ट की अवमानना करने का आरोप लगाया है। शीर्ष अदालत ने मार्च 2023 में अपने आदेश में कहा था कि प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और CJI मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों का चयन करेंगे।

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