राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (President Droupadi Murmu) ने सोमवार (23 जनवरी) को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार (Pradhan Mantri Rashtriya Bal Puraskar, 2023) प्रदान किए। 11 बच्चों को कला, संस्कृति, साहस, इनोवेशन, सामाजिक सेवा और खेल के क्षेत्र में असाधारण उपलब्धियों के लिए ये पुरस्कार दिए गए। राष्ट्रपति ने पुरस्कार विजेताओं को एक पदक, प्रमाण-पत्र और एक-एक लाख रूपये नगद प्रदान किए।
इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा कि ये पुरस्कार इनके योगदान और समपर्ण का सम्मान है। राष्ट्रपति ने कहा कि छोटी-सी उम्र में इन बच्चों के विशिष्ट कार्य अत्यंत प्रशंसनीय हैं। उन्होंने कहा कि इन बच्चों के अद्भुत कार्य दूसरों को प्रेरित करेंगे।
वहीं, इस दौरान केंद्रीय महिला और बाल विकास मंत्री स्मृति ईरानी और राज्यमंत्री मुंजपारा महेन्द्रभाई भी उपस्थित थे। ईरानी ने पुरस्कृत बच्चों की असाधारण योग्यताओं और उत्कृष्ट उपलब्धियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ये बच्चे सामाजिक उत्थान का प्रतिनिधित्व करते हैं।
इस साल 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से पुरस्कार पाने वालों में छह लड़के और पांच लड़कियां थीं। केंद्र सरकार बच्चों को उनकी असाधारण उपलब्धियों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान करती है। यह पुरस्कार पांच से 18 साल तक के बच्चों को कला एवं संस्कृति, बहादुरी, इनोवेशन, शिक्षा, सामाजिक सेवा और खेल क्षेत्र में उनकी उन असाधारण उपलब्धियों के लिए दिया जाता है, जो राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देने के योग्य हैं।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं में आदित्य सुरेश, कोलागातला अलाना मीनाक्षी, शौर्यजीत खैरे, आदित्य प्रताप सिंह चौहान, अनुष्का जॉली, हनाया निसार, एम. गौरवी रेड्डी, ऋषि शिव परसन्ना, रोहन रामचंद्र बहिर, सांभब मिश्रा और श्रेया भट्टाचार्जी शामिल हैं। बयान के अनुसार, इस साल कला एवं संस्कृति क्षेत्र में असाधारण उपलब्धि के लिए चार, वीरता में एक, इनोवेशन में दो, समाज सेवा में एक और खेल क्षेत्र में तीन प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार प्रदान किए गए हैं।
राष्ट्रपति ने बच्चों को दी ये सलाह
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि बच्चों को पुरस्कार देकर, हम राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को प्रोत्साहित और सम्मानित कर रहे हैं। मुर्मू ने कहा कि हम देश भर में आजादी का अमृत महोत्सव मना रहे हैं। हमे कड़े संघर्ष के बाद आजादी मिली है, इसलिए नई पीढ़ी से यह अपेक्षा की जाती है कि वे सभी इस स्वतंत्रता के मूल्य को पहचानें और इसकी रक्षा करें। उन्होंने बच्चों को सलाह दी कि वे देश के हित के बारे में सोचें और जहां भी मौका मिले देश के लिए काम करें।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय जीवन-मूल्यों में परोपकार को सर्वोच्च स्थान दिया गया है। जीवन उन्हीं के लिए सार्थक है, जो दूसरों के लिए जीते हैं। उन्होंने कहा कि संपूर्ण मानवता के प्रति प्रेम का भाव, पशु-पक्षियों और पौधों की देखभाल की संस्कृति; भारतीय जीवन-मूल्यों का अंग है।
मुर्मू ने कहा कि उन्हें यह जानकर प्रसन्नता हुई कि आज के बच्चे पर्यावरण के प्रति अधिक जागरूक हैं। उन्होंने बच्चों को कहा कि वे यह ध्यान रखें कि वे जो कुछ भी करते हैं, उससे कहीं पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव तो नहीं पड़ रहा है।
उन्होंने उनसे पौधे लगाने और उनकी रक्षा करने के साथ ऊर्जा बचाने और बड़ों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज मंगलवार को अपने आधिकारिक आवास, 7 लोक कल्याण मार्ग में राष्ट्रीय बाल पुरस्कार विजेताओं के साथ बातचीत करेंगे।