किसी भी जगह पहचान पत्र में फिंगरप्रिंट सबसे अहम भूमिका निभाते हैं। उंगुलियों के पोरों पर मौजूद ये बारीक निशान किसी अपराधी को पकड़ने में भी महत्वपूर्ण हैं। लेकिन क्या हो अगर किसी के पास ये पहचान यानी फिंगरप्रिंट ही न हों। दुनिया में ऐसे इक्का-दुक्का अनोखे मामले आ चुके हैं। इन लोगों की अंगुलियों पर कोई निशान है। जिससे इन्हें पहचान पत्र के लिए कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। यह एड्रमेटोग्लीफिया (Adermatoglyphia) जेनेटिक बीमारी है। इसका पहला केस साल 2007 में सामने आया था। इसके बाद बांग्लादेश में एक ऐसा ही मामला सामने आया था।
