भारत में हवाई सफर करने वालों को आसमान में वाई-फाई की सुविधा नहीं मिलती है। लेकिन अब यात्रियों को इस समस्या से छुटकारा मिल गया है। विमानन कंपनी एयर इंडिया ने फ्लाइट में आसमान में भी फ्री में वाई-फाई सुविधा मुहैया कराने का ऐलान किया है एयर इंडिया भारत में वाई-फाई सुविधा मुहैया कराने वाली पहली कंपनी बन गई है। टाटा के मालिकाना हक वाली एयर इंडिया कंपनी ने एक प्रेस रिलीज में कहा है कि कंपनी एयरबस A350, बोइंग 789-0 और चुनिंदा एयरबस विमानों में वाई-फाई सुविधा मुहैया कराने का फैसला किया है। अब यात्रियों को 10,000 फीट की ऊंचाई पर वाई-फाई सुविधा मिलेगी।
आसामान में वाई-फाई की सुविध मिलने से अब यूजर्स सोशल मीडिया का मजा ले सकते हैं। इसके अलावा अपने प्रियजनों को भी मैसेज भेज सकते हैं। यह वाई-फाई सर्विस लैपटॉप, टैबलेट और आईओएस या एंड्रॉइड सिस्टम वाले स्मार्टफोन में फायदा उठा सकते हैं। वाई-फाई की यह सुविधा यात्रियों को फ्री में दी जाएगी। एकसाथ कई उपकरणों में वाई-फाई का उपयोग कर सकते हैं।
इंटरनेशनल रूट में पहले से मिल रही है वाई-फाई सुविधा
बता दें कि यह सर्विस एयर इंडिया के इंटरनेशनल रूट न्यूयॉर्क, लंदन, पेरिस और सिंगापुर पर पहले से ही दी जा रही है। अब इसे डोमेस्टिक रूट पर पायरलट प्रोजेक्ट प्रोग्राम के तहत शुरू किया गया है। एयर इंडिया समय के साथ अपने बेड़े के अन्य विमानों पर भी यह सेवा शुरू करने का प्लान बना रही है। आजकल यात्रा के दौरान इंटरनेट का होना बहुत जरूरी हो गया है। कुछ यात्रियों के लिए इंटरनेट का मतलब है कि वे आसानी से अपने दोस्तों और परिवार के साथ जुड़े रह सकते हैं। अपनी यात्रा के बारे में उन्हें जानकारी दे सकते हैं। एयर इंडिया ने उम्मीद जताई कि इस सुविधा से यात्रियों को काफी फायदा होगा। आने वाले समय में एयर इंडिया का प्लान सभी यात्री विमानों में इस सर्विस को शुरू करने का है।
फ्री वाई-फाई सुविधा का ऐसे उठाएं फायदा
1 - सबसे पहले अपने डिवाइस पर वाई-फाई चालू करें। इसके लिए सेटिंग में जाएं।
2 - एयर इंडिया वाई-फाई नेटवर्क पर क्लिक करें।
3 - एक बार जब आप अपने ब्राउज़र में एयर इंडिया पोर्टल पर पहुंच जाएं, तो अपना पीएनआर और अंतिम नाम दर्ज करना होगा।
4 – इसके बाद फ्री में इंटरनेट सुविधा का फायदा उठाएं।
जानिए हवाई जहाज में कैसे पहुंचता है Wifi
दरअसल, फ्लाइट में वाईफाई देने के लिए दो मुख्य तरीके अपनाए जाते हैं। यह एयरलाइन और विमान के प्रकार पर निर्भर करता है। दो तरीके से वाई-फाई सुविधा मिलती है। एयर-टू-ग्राउंड (Air-to-Ground) और सैटेलाइट के जरिए वाई-फाई की सुविधा मुहैया कराई जाती है। एयर-टू-ग्राउंड बिल्कुल वैसा ही होता है जैसे आपके फोन में जमीन पर इंटरनेट चलता है। इस तकनीक में सेल टावरों का उपयोग किया जाता है, जो WiFi सिग्नल्स को आसमान की ओर भेजते हैं। ये सिग्नल्स फ्लाइट में लगे रिसीवर द्वारा पकड़े जाते हैं। जिससे हवाई जहाज में WiFi सेवा मिलती है।
दूसरा तरीका सैटेलाइट WiFi है। इस तकनीक में फ्लाइट के ऊपर एक एंटीना लगाया जाता है, जो सैटेलाइट से सिग्नल हासिल करता है। यात्रियों को इंटरनेट सर्विस मुहैया कराता है। यह एक नई तकनीक है, लेकिन कई एयरलाइंस इसे तेजी से अपना रही हैं। इन दोनों तरीकों से यात्रियों को उड़ान के दौरान भी इंटरनेट की सुविधा मिलती है, जो लंबे सफर को और भी आरामदायक बना देती है।