Annual Income: MP के इस परिवार की सालाना कमाई सिर्फ 2 रुपये, तहसीलदार ने जारी किया सार्टिफिकेट

Annual Income: मध्य प्रदेश के सागर जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हैरान हो जाएंगे। अधिकारियों का यह कारनामा पूरे जिले में सुर्खियां बटोर रहा है। इसमें एक अधिकारी शामिल नहीं है। इस सार्टिफिकेट से यह पता चलता है कि सूबे में अधिकारी किस तरह से आंख में पट्टी बांधकर काम कर रहे हैं

अपडेटेड Oct 01, 2024 पर 3:37 PM
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Annual Income: शख्स ने अपनी कमाई सालाना 40000 रुपये लिखी थी, लेकिन अधिकारियों ने सालाना 2 रुपये कर दिया

सरकारी कामकाज किस ढर्रे पर चल रहा है, इसकी एक बानगी मध्य प्रदेश के सागर जिले में सामने आई है। जिले के बंडा तहसील कार्यालय से एक ऐसा सार्टिफिकेट जारी किया गया है, जिसे देखकर पैरों तले जमीन धंस जाएगी। तहसीलदार ने एक आय प्रमाण पत्र जारी किया है। जिसमें परिवर की सालाना कमाई सिर्फ 2 रुपये बताई गई है। यह प्रमाण पत्र जनवरी 2024 में बना था। अब यह आय प्रमाण पत्र पूरे जिले में सुर्खियां बटोर रहा है। आय प्रमाण पत्र के लिए अप्लाई करने वाले शख्स ने सालाना 40,000 रुपये लिखी थी। लेकिन अधिकारियों ने इस 40,000 को सिर्फ 2 रुपये लिख दिया।

दरअसल, बंडा तहसील के ग्राम घूघर के बलराम चढार ने लोकसेवा केंद्र के जरिए आय प्रमाण पत्र के लिए अप्लाई किया था। चढार ने अपनी आमदनी 40,000 रुपये लिखी थी। लेकिन आय प्रमाण पत्र जो उन्हें मिला, उसमें सिर्फ 2 रुपये सालाना आमदनी लिखकर आया।

तहसीलदार ने दिया यह बयान


सोशल मीडिया में जब यह सार्टिफिकेट वायरल होने लगा तो सरकारी अधिकारियों के बीच हड़कंप मच गया। बंडा तहसील के तहसीलदार महेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि मेरी पोस्टिंग से पहले का यह मामला है। आय प्रमाण पत्र की जांच पड़ताल शुरू हो गई है। अगर इसमें बदलाव नहीं हुआ है तो इसे ठीक किया जाएगा। बता दें कि यह आय प्रमाण पत्र बनते समय कई अधिकारियों के हाथ से गुजरता है। जिसमें क्लर्क से लेकर तहसीलदार तक शामिल हैं। लेकिन किसी की नजर नहीं पड़ी कि आखिर इस प्रमाण पत्र में क्या लिखा है। हर कोई हस्ताक्षर करके फाइल को आगे सरकाते गए। पीड़ित परिवार का कहना है कि वो गरीब जरूर हैं, लेकिन प्रशासन ने उन्हें महा गरीब बना दिया है।

अब इस गलती के बाद अधिकारियों का कहना है कि कैंडिडेट्स को नए सिरे आय प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। शुरुआती जांच पड़ताल में इस कंप्यूटर ऑपरेटर की गलती बताई जा रही है। सभी प्रमाण पत्रों की जांच पड़ताल हो रही है।

World Poorest Income Proof

इससे पहले उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में एक मामला सामने आया था, जहां एक शख्स की कमाई काफी ज्यादा बढाचढ़ा कर लिख दी गई थी। जिससे पीड़ित शख्स को अपनी बेटी की शादी के लिए मिलने वाले अनुदान से हाथ धोना पड़ा था।

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