ऑस्ट्रेलिया जाकर पढ़ाई करने का सपना देख रह स्टूडेंट्स के सपनों पर पानी फिरने वाला है। ऑस्ट्रेलिया की बहुत सारी ऐसी यूनिवर्सिटीज ने भारत के कुछ राज्यों से आने वाले स्टूडेंट्स को लेने से मना कर दिया है। स्टूडेंट्स के एप्लीकेशंस को भी यूनिवर्सिटीज रिजेक्ट करती जा रही हैं। यूनिवर्सिटीज ने पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और जम्मू कश्मीर से स्टूडेंट्स ना लेने का फैसला किया है। यूनिवर्सिटीज का कहना है कि इन राज्यों से आने वाले ज्यादातर बच्चे फ्रॉड डॉक्यूमेंट सबमिट करवाते हैं। साथ ही इन एरिया से आने वाले बच्चों का ड्रॉप आउट रेट भी बहुत ज्यादा है।
इन यूनिवर्सिटीज ने बताई वजह
हर साल ऑस्ट्रेलिया भारत से हजारों स्टूडेंट्स को अपनी यूनिवर्सिटीज में लेता है। 2019 में 75000 स्टूडेंट्स को एडमिशन दिया गया था अब 2023 में ऑस्ट्रेलिया इस आंकड़े को भी पीछे छोड़ने वाला है। हाल ही में विक्टोरिया की Federation University और न्यू साउथ वेल्स की Western Sydney University भी ऐसी यूनिवर्सिटीज का हिस्सा बन गई हैं जो भारत के कुछ राज्यों से आने वाले स्टूडेंट्स को एडमिशन नहीं दे रही हैं।
वीजा एप्लीकेशंस हो रहे हैं खारिज
Western Sydney University ने अपने अजेंट्स को हिदायत दी है कि वो पंजाब, हरियाणा और गुजरात से आने वाले स्टूडेंट्स को ना लें। 2022 में इन क्षेत्रों से आने वाले ज्यादातर स्टूडेंट्स ने कॉर्स बीच में ही छोड़ दिए थे। The Sydney Morning Herald में छपी एक खबर के मुताबिक डिपार्टमेंट ऑफ होम अफेयर्स भी ज्यादातर लोगों के वीजा एप्लीकेशन को खारिज कर रहा है।
इस साल के शुरूआत में ऑस्ट्रेलिया की पांच यूनिवर्सिटीज विक्टोरिया, Edith Cowan, Wollongong, Torrens और Southern Cross ने पंजाब औऱ हरियाणा से आने वाले स्टूडेंट्स के एप्लीकेशंस खारिज करना शुरू कर दिए हैं। यूनिवर्सिटीज के मुताबिक ये ज्यादातर एप्लीकेशंस यहां पढ़ने नहीं बल्कि काम की तलाश में आते हैं। भारत में स्थित ऑस्ट्रेलियाई हाई कमीशन का कहना है कि उसे इस बात बिलकुल अंदाजा नहीं है कि ऑस्ट्रेलिया कि यूनिवर्सिटीज इंडियन स्टूडेंट्स पर पाबंदी लगा रही हैं।
हाई कमीशन ने बयान जारी करते हुए कहा कि ऑस्ट्रेलियाई यूनिवर्सिटीज के पास अथॉरिटी है कि वो एडमिशन और रेक्रूटमेंट से जुड़े अपने फैसले खुद ले सकें। हाई कमीशन को इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि इन यूनिवर्सिटीज में भारत के कुछ खास इलाकों से आने वाले स्टूडेंट्स नहीं लिए जा रहे हैं। ऑस्ट्रेलिया की सरकार ऑस्ट्रेलिया में पढ़ने के लिए अप्लाई करने वाले स्टूडेंट्स की एप्लीकेशन पर बैन नहीं लगाती है ना ही ऑस्ट्रेलिया की सरकार के पास ऐसी अथॉरिटी है। ऑस्ट्रेलिया की सरकार के पास किसी भी संस्थान और यूनिवर्सिटीज को एप्लीकेंट्स को बैन करने की सलाह या इंस्ट्रक्शन देने की अथॉरिटी नहीं है।