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'गंजापन वायरस' की जांच शुरू! जानें लक्षण और बचाव, अचानक से बाल झड़ने से कई गांवों में दहशत

Baldness Virus: रिपोर्ट बताती है कि अब तक 250 से ज्यादा लोग 'गंजापन वायरस' से प्रभावित हुए हैं। वे लोग पूरे तरह से कुछ ही दिनों के अंदर गंजे हो गए। साथ ही शेगांव तहसील के 15 गांवों में कम से कम 600 अन्य लोगों में भी इसके लक्षण देखे गए हैं। मामला प्रकाश में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांवों में सर्वेक्षण शुरू कर दिया है।

Akhileshअपडेटेड Jan 15, 2025 पर 7:47 PM
'गंजापन वायरस' की जांच शुरू! जानें लक्षण और बचाव, अचानक से बाल झड़ने से कई गांवों में दहशत
Baldness virus: 'गंजापन वायरस' से प्रभावित लोगों का इलाज शुरू कर दिया गया है

Baldness virus in Maharashtra: महाराष्ट्र में दर्जनों गांवों में कई लोगों के रहस्यमयी तरीके से बाल झड़ रहे हैं। पिछले एक सप्ताह के दौरान बुलढाणा जिले के गांवों के लोगों ने अचानक बाल झड़ने और कुछ ही दिनों में गंजापन होने की शिकायत की है। अधिकारियों ने संभावित 'गंजापन वायरस' का पता लगाने के लिए स्थानीय पानी के स्रोतों की जांच शुरू कर दी है। कई मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इस अजीब स्थिति को अनौपचारिक रूप से 'गंजापन वायरस' कहा जाता है। इसमें तेजी से बाल झड़ने लगते हैं। कुछ लोग तो तीन दिन के भीतर ही पूरी तरह से गंजे हो जाते हैं।

रिपोर्ट बताती है कि अब तक 250 से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हुए हैं। वे लोग पूरे तरह से कुछ ही दिनों के अंदर गंजे हो गए हैं। साथ ही शेगांव तहसील के 15 गांवों में कम से कम 600 अन्य लोगों में भी इसके लक्षण देखे गए हैं। शेगांव की स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दीपाली बहेकर ने बताया कि मामला प्रकाश में आने के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांवों में सर्वेक्षण शुरू कर दिया है। प्रभावित लोगों का इलाज शुरू कर दिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग द्वारा किए गए सर्वेक्षण के दौरान शेगांव तालुका के कलवाड़, बोंडगांव और हिंगना गांवों के दर्जनों लोग बाल झड़ने और गंजेपन की समस्या से पीड़ित पाए गए। बहेकर ने कहा कि विभाग ने लक्षण के आधार पर मरीजों का इलाज शुरू कर दिया है। डर्मेटोलॉजिस्ट की भी सलाह ली जा रही है। जिला परिषद के एक स्वास्थ्य अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि इन गांवों से पानी के सैंपल भी जांच के लिए भेजे जा रहे हैं। ताकि पानी में संभावित संदूषण की जांच की जा सके।

जिला परिषद (ZP) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय टीम ने 11 जनवरी को प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस टीम में अकोला और बुलढाणा मेडिकल कॉलेजों के मेडिकल एक्सपर्ट शामिल थे। उन्होंने स्थानीय निवासियों से उनकी चिंताओं को दूर करने और इस संकटपूर्ण समय में उन्हें आश्वस्त करने के लिए भी संपर्क किया।

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