Bhankrota Fire Incident: राजस्थान की राजधानी जयपुर के भांकरोटा से एक बार फिर अग्निकांड की दुखद खबर सामने आई है। भांकरोटा स्थित एक लकड़ी की फैक्ट्री में सोमवार (23 दिसंबर) देर रात भीषण आग लग गई। जब यह हादसा हुआ उस वक्त मजदूर कंपनी के अंदर सो रहे थे। हालांकि, अच्छी बात यह रही कि इस हादसे में किसी की जनहानि नहीं हुई। NDTV के मुताबिक, भांकरोटा में स्थित लकड़ी की फैक्ट्री में सोमवार देर रात करीब डेढ़ बजे आग लगी। उस सयम अंदर फैक्ट्री मालिक और मजदूर सो रहे थे। धुंआ भरने के बाद उनकी नींद खुली और वह तुरंत बाहर भागे।
खबर मिलने पर बिंदायका और मानसरोवर के फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंची। फिर करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। फिलहाल, मामले की जांच चल रही है। बताया जा रहा है कि आग बुझाने में फैक्ट्री मालिक झुलस गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
बताया जा रहा है कि फैक्ट्री में फर्नीचर का काम होता था। कंपनी में चारों तरफ लकड़ियां मौजूद थीं। कुछ ही देर में पूरी फैक्ट्री में आग फैल गई। सूचना पर एसीपी हेमेंद्र शर्मा और सीआई मनीष गुप्ता टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फैक्ट्री में आग लगने से काफी नुकसान हुआ है। शुरुआती जांच में पाया गया है कि शॉर्ट-सर्किट से आग लगी है। एक अधिकारी ने कहा कि फिलहाल हम आगे की जांच कर रहे हैं।
जयपुर हादसे में 14 लोगों की मौत
इससे पहले पिछले सप्ताह 20 दिसंबर को जयपुर-अजमेर हाईवे पर भांकरोटा में LPG टैंकर में ब्लास्ट हो गया था, जिसमें अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि हादसे में झुलसे 24 लोगों का इलाज किया जा रहा है। 7 मरीज ICU में हैं। राजस्थान हाई कोर्ट ने घटना का स्वत: संज्ञान लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। नोटिस जारी करते हुए जस्टिस अनूप कुमार ढंड की पीठ ने मामले की अगली सुनवाई 10 जनवरी को तय की है।
पीठ ने केंद्रीय आपदा प्रबंधन मंत्रालय एवं केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिवों तथा राजस्थान के मुख्य सचिव तथा आपदा प्रबंधन और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विभागों के सचिवों को नोटिस जारी किया है। अदालत ने इस भीषण हादसे पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना ने कई लोगों की जान ले ली और अनेक की जिंदगी खतरे में पड़ गई।
भीषण टैंकर हादसे में चमत्कारिक ढंग से बच निकले युवकों का कहना है कि लोगों की चीख पुकार एवं आग की लपटों को वे कभी भूल नहीं सकते हैं। उनलोगों को हादसे का वो खौफनाक मंजर ताउम्र डराता रहेगा।
टैंकर हादसे के बाद जो स्लीपर बस शुक्रवार को जल कर खाक हो गई। उसमें राजसमंद का रहने वाला जगदीश रेगर (30) और सुनील खटीक (28) भी यात्रा कर रहे थे जो बस में आग लगने से ठीक पहले किसी प्रकार बाहर निकलने में सफल रहे।
दोनों युवकों का कहना है कि लोगों की चीख पुकार एवं आग की लपटों को वे कभी भूल नहीं सकते हैं। उन्होंने कहा कि हादसे का वो खौफनाक मंजर उन्हें ताउम्र डराता रहेगा। राजसमंद जिले के मोही निवासी जगदीश उस पल को याद करते हैं जब एक तेज विस्फोट ने रात के सन्नाटे को तोड़ दिया।
उन्होंने बताया कि हम जयपुर से करीब 10 किलोमीटर दूर थे कि एक तेज धमाके की आवाज सुनी। आग की लपटें आसमान में उठ रही थीं और कुछ ही पलों में हमारी बस भी उस आग की चपेट में आ गई। उन्होंने कहा कि लोग चीख रहे थे, और भाग निकलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन दरवाजा बंद था। पूरी तरह अराजकता एवं दहशत का माहौल था।