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Chaudhary Charan Singh: खेतों से PM बनने का सफर... अपने और पराए दोनों थे मुरीद, जानें कौन थे 'किसानों के मसीहा' चौधरी चरण सिंह

Chaudhary Charan Singh: चौधरी चरण सिंह के साथ पूर्व पीएम पीवी नरसिम्हा राव और मशहूर वैज्ञानिक एवं देश में हरित क्रांति के जनक डॉ एम एस स्वामीनाथन को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' (मरणोपरांत) से सम्मानित किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को खुद इसका ऐलान करते हुए तीनों दिग्गजों के योगदान की सराहना की। इस साल अब तक 5 लोगों को भारत रत्न देने की घोषणा हुई है, जो कि अब तक की सर्वाधिक संख्या है

Akhileshअपडेटेड Feb 09, 2024 पर 5:48 PM
Chaudhary Charan Singh: खेतों से PM बनने का सफर... अपने और पराए दोनों थे मुरीद, जानें कौन थे 'किसानों के मसीहा' चौधरी चरण सिंह
Chaudhary Charan Singh: चौधरी चरण सिंह 21 अगस्त 1979 से 14 जनवरी 1980 तक कार्यवाहक प्रधानमंत्री भी रहे

Bharat Ratna Chaudhary Charan Singh: भारत के 'किसानों के मसीहा' के रूप में लोकप्रिय चौधरी चरण सिंह का राजनीतिक जीवन काफी लंबा रहा। इस दौरान वह देश के पांचवें प्रधानमंत्री और दो बार उत्तर प्रदेश जैसे बड़ा राज्य के मुख्यमंत्री रहे। चरण सिंह ने 28 जुलाई 1979 से अगस्त 1979 तक प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने शुक्रवार को घोषणा की कि पूर्व प्रधानमंत्रियों पी वी नरसिम्हा राव और चौधरी चरण सिंह के साथ-साथ कृषि वैज्ञानिक एम एस स्वामीनाथन को भारत रत्न से सम्मानित किया जाएगा

'किसानों के मसीहा' चौधरी चरण सिंह के बारे में जानें सबकुछ

- दिग्गज किसान नेता चौधरी चरण सिंह 21 अगस्त 1979 से 14 जनवरी 1980 तक कार्यवाहक प्रधानमंत्री भी रहे। चौधरी चरण सिंह तीन अप्रैल 1967 से 25 फरवरी 1968 और 18 फरवरी, 1970 से एक अक्टूबर, 1970 तक उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे थे।

- चरण सिंह का जन्म उत्तर प्रदेश के वर्तमान हापुड़ जिले के नूरपुर में एक मध्यमवर्गीय किसान परिवार में 1902 में हुआ था। उन्होंने 1923 में विज्ञान में ग्रेजुएट की उपाधि प्राप्त की, और 1925 में आगरा विश्वविद्यालय से पोस्ट ग्रेजुएट किया। कानून में डिग्री लेकर गाजियाबाद में वकालत भी की। 1929 में वह मेरठ चले आये और बाद में कांग्रेस में शामिल हो गए।

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