ब्रह्मांड में अक्सर कई प्रकार की अद्भुत घटनाएं देखने को मिलती रहती है। इस साल के अंत में एक दुर्लभ चंद्रमा नजर आने वाला है, जिसको 'ब्लैक मून' कहा जाता है। दिसंबर 2024 में पृथ्वी की कक्षा यह दुर्लभ खगोलीय घटना होगी। अक्सर चांद चमकीला और दूधिया नजर आता है, लेकिन आपने चांद को कभी लाल, पीला गुलाबी, कई अलग-अलग रंगों में देखा होगा। लेकिन अब यह काले रंग में दिखाई देगा। दुनिया भर में 30 और 31 दिसंबर को ब्लैक मून की रात होगी।
अमेरिकी नौसैनिक वेधशाला के मुताबिक, यह घटना एक कैलेंडर माह में दूसरी बार नए चांद के दिखने का संकेत करेगी जो एक असामान्य घटना है और यह हर साल नहीं होती। ब्लैक मून 30 दिसंबर 2024 को शाम 5:27 बजे ET (2227 GMT) पर घटित होगी। अमेरिका के लोगों को 30 दिसंबर को ब्लैक मून नजर आएगा। जबकि अफ्रीका, यूरोप और एशिया के लोगों के लिए यह 31 दिसंबर, 2024 को दिखेगा। वहीं भारत में यह घटना 31 दिसंबर 2024 को सुबह 3:57 बजे IST पर आसमान में दिखाई देगा।
ब्लैक मून एक ऐसी खगोलीय घटना है जब एक ही कैलेंडर माह में दो बार अमावस्या होती है। हालांकि यह खगोल विज्ञान का आधिकारिक शब्द नहीं है, लेकिन इस घटना का वर्णन करने के लिए इसका उपयोग किया जाता है। ब्लैक मून की परिभाषा ब्लू मून के ही समान है, जिसमें एक ही कैलेंडर माह में दो बार पूर्णिमा होती है। ब्लैक मून को समझने के लिए पहले यह जानना जरूरी है कि अमावस्या क्या होती है। अमावस्या वह स्थिति है जब चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच होता है। इस समय, चंद्रमा का वह हिस्सा जो सूर्य की रोशनी से प्रकाशित होता है, पृथ्वी की ओर नहीं होता जिस वजह से यह हमें दिखाई नहीं देता। ब्लैक मून इस तरह की दुर्लभ घटना है, जिसमें एक कैलेंडर माह में दो बार अमावस्या होती है।
अमावस्या हर महीने आती है लेकिन एक ही महीने में दो बार अमावस्या होना बेहद दुर्लभ घटना है। यह हर साल नहीं होता। पिछली बार ब्लैक मून अगस्त 2022 में हुआ था और अगली बार यह मई 2026 में होगा। इस घटना की खासियत यह भी है कि ब्लैक मून को नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकता। इसकी यह अदृश्यता इसे रहस्यमय बनाती है, जो न केवल आम खगोल प्रेमियों बल्कि पेशेवर खगोलविदों को भी अपनी ओर आकर्षित करती है।