उत्तर प्रदेश के कमालगंज से एक ऐसी खबर सामने आई है। जिसे सुनकर हर कोई हैरान है। लड़की की शादी हो रही थी। बारात आई। दुल्हन पक्ष ने जमकर स्वागत किया। बाराती नाच गा रहे थे। फिर वरमाला की रस्म निभाई गई। सभी पक्षों ने फोटो खिंचवाएष दुल्हन भी खुश नजर आई। फिर आई सात फेरे लेने की बारी। इसके बाद जो घटना सामने आई, पूरे बारातियों में सन्नाटा पसर गया। रिश्तेदार, बाराती, दुल्हन पक्ष के लोग लड़की (दुल्हन) के साथ मान मनौव्वल में जुट गए। लेकिन दुल्हन टस से मस नहीं हुई और सात फेरे लेने से इनकार कर दिया।
उत्तर प्रदेश के फर्रूखाबाद जिले के कमालगंज गांव के एक ग्रामीण ने अपनी पुत्री का रिश्ता छत्तीसगढ़ के छत्तीसगढ़ के बलरामपुर निवासी इंजीनियर युवक से तय किया था। बताया गया था कि लड़का सरकारी इंजीनियर है। धूमधाम के साथ बरात चढ़ी और द्वारचार के बाद वरमाला की रस्म हुई। उसके बाद अन्य रस्म में भी हो गईं थी।
दूल्हे के प्राइवेट नौकरी से भड़की दुल्हन
जब शादी की बारी आई तो दुल्हन को पता चला कि दूल्हे की प्राइवेट नौकरी है। इसके बाद दुल्हन भड़क गई। दूल्हे के पिता ने बताया कि उनका बेटा सिविल इंजीनियर है। प्राइवेट सेक्टर में काम करता है। इस पर दुल्हन ने कहा कि उसे सरकारी नौकरी वाले दूल्हे की जानकारी दी गई थी। वह प्राइवेट जॉब वाले से शादी नहीं करेगी। इस फैसले से दोनों पक्ष हैरान रह गए। दुल्हन को मनाने की कोशिश की गई, लेकिन उसने शादी से साफ इनकार कर दिया।
दूल्हे की सैलरी एक लाख से ज्यादा
दूल्हे फोन के जरिए अपनी सैलरी स्लिप मंगाई। जिसमें सैलरी 1,20,000 रुपये थी। इसके बावजूद दुल्हन अपनी जिद पर अड़ गई और शादी करने से बिल्कुल मना कर दिया। दोनों पक्षों की रात भर बातचीत चली, लेकिन यह बातचीत बेनतीजा साबित हुई। इसके बाद तय किया गया कि जिसका जितना खर्च हुआ, वापस किए। तिलक में दिया गया सामान वापस किया गया। फिर बारात बिना दुल्हन के ही वापस लौट गई। वहीं इस मामले में पुलिस का कहना है कि उनके सामने कोई जानकारी सामने नहीं आई है।