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कनाडा में भारतीय छात्र पर 'मुफ्त खाना' लेने का आरोप, नौकरी से निकाले जाने का दावा, यहां जानिए पूरा सच

कनाडा में एक भारतीय का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें उन्होंने बताया है कि फूड बैंकों से मुफ्त खाने का फायदा कैसे उठाया जा सकता है। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि यह शख्स टीडी बैंक का कर्मचारी है और लाखों रुपये कमाता है, इसके बावजूद वह जरूरतमंदों का ग्रॉसरी ले रहा है। इस मामले पर अब शख्स ने पूरी सच्चाई बताई है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 25, 2024 पर 3:10 PM
कनाडा में भारतीय छात्र पर 'मुफ्त खाना' लेने का आरोप, नौकरी से निकाले जाने का दावा, यहां जानिए पूरा सच
प्रजापति ने कनाडाई फूड बैंकों से मुफ्त खाने का फायदा उठाने को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया था।

अक्सर यह कहा जाता है कि सोशल मीडिया पर गलत जानकारियां जंगल में आग की तरह फैलती है। पढ़ाई के लिए कनाडा (Canada) गए भारतीय छात्र मेहुल प्रजापति (Mehul Prajapati) के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ। प्रजापति ने कनाडाई फूड बैंकों से मुफ्त खाने का फायदा उठाने को लेकर सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया था। वीडियो में प्रजापति ने बताया कि वह हर महीने खाने और किराने के सामान में सैकड़ों रुपये बचाते हैं। हालांकि, यह वीडियो वायरल हो गया और अब उन पर अच्छी सैलरी होने के बावजूद जरूरतमंदों का मुफ्त खाना चोरी करने का आरोप लग रहा है। इतना ही नहीं, प्रजापति को सोशल मीडिया के जरिए धमकियां भी मिल रही हैं, जिसके चलते वे काफी डरे हुए हैं।

क्या था प्रजापति के वीडियो में?

वीडियो में मेहुल ने बताया है कि वे कैसे हर महीने फूड और ग्रॉसरी में सैंकडों रुपये आसानी से बचा रहे हैं। उन्होंने वीडियो में बताया कि ये ग्रॉसरी सभी स्टूडेंट्स के लिए हैं। उन्होंने वीडियो में कहा, "यहां ज्यादातर कॉलेज और यूनिवर्सिटी में फूड बैंक होते हैं, जिन्हें ट्रस्ट, चर्च या नॉन प्रॉफिट ऑर्गेनाइजेशन द्वारा चलाया जाता है। स्टूडेंट के तौर पर यह मेरे लिए काफी हेल्पफुल है। आप अपने सीनियर्स या यूनिवर्सिटी वेबसाइट पर चेक करें और आपको फूड बैंक का लोकेशन मिल जाएगा।"

 

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