Chandrayaan-3: लोगों ने बेंगलुरु, मुंबई और गुरुग्राम की सड़कों से की चांद की तुलना, X पर आई फनी मीम्स की बाढ़

Chandrayaan-3: इसरो ने बुधवार को अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान से लैस लैंडर मॉड्यूल की सॉफ्ट लैंडिग कराने में सफलता हासिल की। भारतीय समयानुसार शाम करीब 6 बजकर 4 मिनट पर इसने चांद की सतह को छुआ। इसके साथ ही भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का पहला देश और चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया

अपडेटेड Aug 25, 2023 पर 5:13 PM
Chandrayaan-3 mission: भारत ने चंदा मामा के घर में कदम रख दिया है। भारत की इस कामयाबी पर पूरे देश में जश्न का माहौल है

चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग कराकर भारत के अंतरिक्ष विज्ञान के इतिहास में बुधवार (23 अगस्त) शाम को एक नया अध्याय लिखा दिया। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने चंद्रयान-3 के चंद्रमा की सतह पर उतरते वक्त ली गई कई तस्वीरें जारी की हैं। इसरो चंद्रमा की सतह से लगातार तस्वीरें और वीडियो जारी कर रहा है। अंतरिक्ष एजेंसी ने कहा कि विक्रम लैंडर के सफलतापूर्वक चंद्रमा पर पहुंचने के तुरंत बाद लैंडिंग इमेजर कैमरा ने ये तस्वीरें कैद कीं। तस्वीरें चंद्रयान-3 के लैंडिंग स्थल का एक हिस्सा दिखाती हैं।

इसके अलावा इसरो ने चंद्रयान-3 मिशन के रोवर प्रज्ञान के लैंडर विक्रम से बाहर निकलने और इसके चंद्रमा की सतह पर चलने का एक शानदार वीडियो शुक्रवार को जारी किया। यह वीडियो लैंडर के इमेजर कैमरे ने बनाया है। इसरो ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर यह वीडियो शेयर करते हुए मैसेज में लिखा, "...और चंद्रयान-3 का रोवर, लैंडर से निकलकर इस तरह चंद्रमा की सतह पर चला।"

भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी ने चंद्रयान-3 के लैंडर के चंद्रमा की सतह पर 'सॉफ्ट लैंडिंग' करने के बाद चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर हाई रेजोल्यूशन कैमरा से ली गई उसकी तस्वीर भी जारी की। इसरो ने लिखा, "चंद्रयान-2 ऑर्बिटर ने चंद्रयान-3 लैंडर की तस्वीरें लीं। चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर हाई-रेजोल्यूशन कैमरा चंद्रमा की परिक्रमा कर रहे वर्तमान में मौजूद सभी कैमरों की अपेक्षा में सर्वश्रेष्ठ रेजोल्यूशन वाला कैमरा है। इसने 23 अगस्त 2023 को चांद की सतह पर उतरे चंद्रयान-3 लैंडर को कैमरे में कैद किया।"


यूजर्स लेने लगे मजे

इसरो को भारत के अलावा विदेशों से भी लगातार बधाई संदेश आ रहे हैं। इस बीच, कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने चांद की उबड़-खाबड़ सतह की तुलना बेंगलुरु, मुंबई और गुरुग्राम की खराब सड़कों से करने लगे। कई यूजर्स ने मजे लेते हुए कहा कि चंद्रमा की सतह पर जो गड्ढे दिखाई दे रहे हैं वह भारत के कुछ प्रमुख शहरों जैसे मुंबई, बेंगलुरु और गुरुग्राम की सड़कों से मिलते जुलते हैं। इसरो ने जो तस्वीरें भेजी है उसमें चांद की सतह काफी ज्यादा उबड़-खाबड़ दिखाई दे रही है। वैज्ञानिकों की मानें तो चांद पर मौजूद इंपैक्ट क्रेटर यानी यह गहरे गड्ढे अरबों साल पहले आकाशीय पिंडों की टक्कर से बने हैं।

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बता दें कि प्रज्ञान के साथ विक्रम लैंडर बुधवार को अपने मकसद के लिए निर्धारित क्षेत्र के भीतर चंद्रमा की सतह पर उतरा था। चंद्रमा की सतह पर उतरने के कुछ घंटों बाद 26 किलोग्राम वजनी छह पहियों वाला रोवर, लैंडर से बाहर निकला। इसरो ने बुधवार को अंतरिक्ष क्षेत्र में एक नया इतिहास रचते हुए चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडर विक्रम और रोवर प्रज्ञान से लैस लैंडर मॉड्यूल की सॉफ्ट लैंडिग कराने में सफलता हासिल की। भारतीय समयानुसार शाम करीब 6 बजकर 4 मिनट पर इसने चांद की सतह को छुआ। इसके साथ ही भारत चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का पहला देश और चांद की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया।

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