Chardham Yatra 2024: उत्तराखंड में स्थित विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम के कपाट 6 महीने बंद रहने के बाद 12 मई की सुबह श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। इसी के साथ चारों धामों की यात्रा शुरू हो गई। गढ़वाल हिमालय के चारधाम के नाम से मशहूर अन्य तीन धाम केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट अक्षय तृतीया के पर्व पर 10 मई को ही खोल दिए गए थे। हर दिन यहां हजारों की संख्या में लोग चारधाम में दर्शन करने आ रहे हैं। इस बीच, एक दुखद खबर भी सामने आई है। चारधाम यात्रा शुरू होने के चार बाद ही यहां दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं में से अब तक 4 की मौत हो चुकी है।
यमुनोत्री धाम में 10 मई को ही दो श्रद्धालुओं की अलग-अलग स्थान पर दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई थी। जबकि यात्रा के दूसरे दिन 11 मई को भी यमुनोत्री धाम में एक ओर श्रद्धालु की मौत हो गई। महिला तीर्थ यात्री की मृत्यु हार्ट फेल होने के कारण हुई है। बद्रीनाथ में रविवार 12 मई को गुजरात की 75 साल की लक्ष्मी देवी की जान चली गई। उन्हें अन्य गंभीर बीमारियां और सांस लेने में समस्या थीं।
रिपोर्ट के अनुसार, यमुनोत्री धाम के दर्शन करने जा रही मध्य प्रदेश के नीमच की रहने वाली 62 वर्षीय संपत्तिबाई की जानकी चट्टी के निकट बेहोश हो गई थी। अन्य तीर्थ यात्रियों ने महिला तीर्थ यात्री को जानकी चट्टी अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जानकारों का कहना है कि उत्तराखंड के चारों धाम हाई अल्टीट्यूड पर हैं और वहां हार्ट से जुड़ी बीमारियों वालों के लिए जाना घातक हो सकता है।
क्यों होती है श्रद्धालुओं की मौत
चार धाम के दर्शन के लिए करीब 4,000 मीटर से भी अधिक ऊंचाई तक चढ़ाई करनी होती है। इसलिए ये यात्रा बुजुर्गों और बीमार लोगों के लिए काफी मुश्किल मानी जाती है। जब भक्त अधिक ऊंचाई पर होते हैं, तो पतली हवा के कारण उनके फेफड़ों को कम ऑक्सीजन पहुंचती है। यह आपके फेफड़ों और हार्ट पर इसलिए ज्यादा जोर बढ़ा देता है, क्योंकि आपके शरीर के बाकी हिस्सों को भी लगातार ऑक्सीजन युक्त ब्लड की जरूरत होती है।
इसी वजह से बहुत अधिक ऊंचाई पर बहुत से स्वस्थ लोगों को भी चक्कर आना, सिरदर्द और थकान जैसे दिक्कतें होने लगती हैं। चार धाम यात्रा गढ़वाल हिमालय में ऊंचाई पर स्थित है, इसलिए इसे उच्च ऊंचाई वाली यात्रा कहा जाता है। भारतीय सेना के हाई अल्टीट्यूड वाले पैरामीटर्स के हिसाब से ये सारी जगहें हाई अल्टीट्यूड एरिया हैं। पिछले साल बदरीनाथ में दर्शन के लिए रिकार्ड 1839591 श्रद्धालु पहुंचे थे और लोगों के उत्साह को देखते हुए राज्य सरकार को इस बार और श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद है।