Chhath Puja 2023: छठ पूजा को पर्व नहीं बल्कि महापर्व कहा जाता है। यह पूरी तरह से प्रकृति को समर्पित होता है। लोग बहुत ही आस्था के साथ इस पर्व को मनाते हैं। दिवाली के बाद लोग इसकी तैयारी में जुट जाते हैं। छठ पर्व षष्ठी तिथि से दो दिन पहले यानी चतुर्थी से नहाय-खाय के साथ शुरुआती होती है। पंचमी को खरना, षष्ठी को डूबते सूर्य को अर्घ्य और सप्तमी को उगते सूर्य को जल अर्पित कर व्रत संपन्न किया जाता है। चार दिन चलने वाला इस पर्व में सूर्य और छठी मैय्या की पूजा की जाती है। इसका समापन सप्तमी तिथि को पारण करके किया जाता है।
