Sick Leave लेकर टेक कंपनी का कर्मचारी मना रहा था छुट्टी, पकड़े जाने पर गंवानी पड़ी नौकरी और 73 लाख रुपये

चीन के नेशनल बिजनेस डेली (NBD) की रिपोर्ट में बताया गया है कि जू मौमौ (Xu Moumou) नाम के कर्मचारी ने बीजिंग के थर्ड इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट में याचिका दायर कर कंपनी की कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन इसे अप्रैल 2023 के मध्य में अदालत द्वारा खारिज कर दिया गया। इसके बाद जू को नौकरी के साथ 620,000 युआन (करीब 73 लाख रुपये) का कंपनसेशन भी गंवाना पड़ा, जो उन्हें पहले दिया गया था

अपडेटेड Apr 26, 2023 पर 12:11 PM
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जब वह छुट्टियां मनाकर घर वापस लौट रहा था तभी उसके एक साथी ने उसको एयरपोर्ट पर देख लिया और उसने इस बारे में कंपनी को जानकारी दे दी

चीन (China) के एक कर्मचारी को झूठ बोलना भारी पड़ गया। कर्मचारी को उसकी बीजिंग (Beijing) स्थित टेक कंपनी से निकाल दिया गया है, क्योंकि वह सिक लीव (Sick Leave) लेकर विदेश में छुट्टियां मना रहा था। रिपोट के मुताबिक, जब वह छुट्टियां मनाकर घर वापस लौट रहा था तभी उसके एक साथी ने उसको एयरपोर्ट पर देख लिया और उसने इस बारे में कंपनी से कहा कि वह सिक लीव के नाम पर विदेश घूमकर आ रहा है। वह बीमार नहीं है। उसने बीमारी के नाम पर झूठ बोलकर ऑफिस से छुट्टी ली है। कर्मचारी ने बीमारी के नाम पर की छुट्टी ली थी। उसने कहा था कि डॉक्टरों की सलाह पर उसे आराम करने की सलाह दी है।

चीन के नेशनल बिजनेस डेली (NBD) की रिपोर्ट में बताया गया है कि जू मौमौ (Xu Moumou) नाम के कर्मचारी ने बीजिंग के थर्ड इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट में याचिका दायर कर कंपनी की कार्रवाई का विरोध किया, लेकिन इसे अप्रैल 2023 के मध्य में अदालत द्वारा खारिज कर दिया गया। इसके बाद जू को नौकरी के साथ 620,000 युआन (करीब 73 लाख रुपये) का कंपनसेशन भी गंवाना पड़ा, जो उन्हें पहले दिया गया था।

क्या है पूरा मामला?


रिपोर्ट के अनुसार, विवाद की शुरुआत जुलाई 2019 में तब हुई, जब जू ने दो हफ्ते के पेड लीव के लिए अप्लाई किया, लेकिन काम के दबाव के कारण उसके मैनेजर ने इस अनुरोध को खारिज कर दिया। जू ने अपने मैनेजर को बताया कि उसने अपने बच्चे के साथ चीन के दक्षिणी द्वीप हैनान की यात्रा के लिए पहले ही टिकट खरीद लिए थे, लेकिन फिर भी उसे छुट्टी नहीं दी गई। दिलचस्प बात यह है कि शू कोई नया जॉइनर नहीं था, बल्कि वह 1998 से कंपनी के साथ काम कर रहा था।

इसके बाद जू ने 14 दिनों के सिक लीव के लिए अप्लाई किया। उसने एक मेडिकल सर्टिफिकेट भी जमा किया, जिसमें कहा गया था कि वह "चक्कर आना और सर्वाइकल स्पोंडिलोसिस" से पीड़ित है। इस बीमारी की वजह से उसे चलना मुश्किल हो गया है। मेडिकल सर्टिफिकेट के मुताबिक, एक डॉक्टर ने उसे बेड रेस्ट और नेक एक्सरसाइज की सलाह दी थी। NBD ने बताया कि इस बार सिक लीव को मंजूरी मिल गई।

ऐसे हुआ खुलासा

जब कर्मचारी अपने बेटे के साथ छुट्टियां मनाकर घर वापस लौट रहा था तभी हैनान एयरपोर्ट उसे उसके एक सहयोगी ने देख लिया और उसने इसके बारे में कंपनी के मैनेजर को बता दी। नतीजतन, जू को कंपनी से इस आधार पर निकाल दिया गया कि उसने अपनी बीमारी की छुट्टी के दौरान विदेश यात्रा की और कंपनी के नियमों का उल्लंघन किया।

जू ने इस फैसले का विरोध करते हुए दावा किया वह मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि स्वस्थ होने के लिए यात्रा पर गया था। उसने बीजिंग चाओयांग आर्बिट्रेशन कमीशन द्वारा मध्यस्थता के लिए भी आवेदन किया, जिसने उनके पक्ष में फैसला सुनाया और टेक कंपनी को जू को अवैध रूप से उनकी नौकरी समाप्त करने के लिए 73 लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया।

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लेकिन बाद में बीजिंग के थर्ड इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने पाया कि जू ने अपने मैनेजर से झूठ बोला था और उसके पास अपनी मेडिकल स्थिति को देखते हुए यात्रा करने का कोई कारण नहीं था। एनबीडी ने बताया कि अदालत ने बर्खास्तगी को बरकरार रखा और कंपनी को जू को मुआवजा नहीं देने का आदेश दिया।

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