China Pneumonia Cases in India: चीन की जानलेवा बीमारी निमोनिया के मरीज भारत में मिले, AIIMS ने दिए आंकड़े

China Pneumonia Cases in India: चीन में कोरोना के बाद निमोनिया का कहर जारी है। बच्चे निमोनिया का तेजी से शिकार हो रहे हैं। अस्पताल बच्चों से खचाखच भरे हुए हैं। अब यह बीमारी भारत में भी दस्तक दे चुकी है। AIIMS से मिली जानकारी के मुताबिक, अब तक 7 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं। ये केस दिल्ली स्थित AIIMS में अप्रैल से लेकर सितंबर के बीच आए हैं

अपडेटेड Dec 07, 2023 पर 1:58 PM
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China Pneumonia Cases in India: चीन में फैला माइकोप्लाज्मा निमोनिया भारत में भी मौजूद है।

China Pneumonia Cases in India: पूरी दुनिया अभी कोरोना की मार से उबर भी नहीं पाई है कि नई बीमारी ने फिर से दस्तक दे दी। चीन से आए एक नई बैक्टीरिया बीमारी ने भारत की टेंशन बढ़ा दी है। भारत में एक नई चाइनीज बैक्टीरिया बीमारी माइकोप्लाजमा निमोनिया दस्तक दे चुकी है। इसकी चपेट में छोटे बच्चे तेजी से आ रहे हैं। दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (All India Institute of Medical Sciences -AIIMS) के मुताबिक, इस साल अप्रैल से सितंबर के बीच माइकोप्लाज्मा निमोनिया (Mycoplasma pneumonia or walking pneumonia) के 7 मरीज सामने आए हैं। इस बारे में खुलासा भी हुआ है।

लैसेंट माइक्रोब जर्नल (Lancet Microbe journal) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली के AIIMS में चीनी निमोनियो से पीड़ित 7 मरीजों के बारे में पता चला है। रिपोर्ट के मुताबिक, 6 मरीजों का आईजीएम एलिसा परीक्षण से पता चला है। जबकि एक पीसीआर टेस्ट के जरिए सामने आया है। रिपोर्ट मे कहा गया है कि माइकोप्लाज्मा निमोनिया का पता लगाने के लिए सर्विलांस बढ़ाने की जरूरत है।

भारत में भी डर का मौहाल


PCR के लिए पॉजिटिविटी रेट 3 फीसदी है। जबकि आईजीएम एलिसा (IgM Elisa) टेस्ट की पॉजिटिविटी रेट 16 फीसदी पाया गया है। यही वजह है कि चीन से आए कोरोना को झेलने के बाद भारत में अब इस बीमारी के प्रति लोग डरे हुए हैं। बता दें कि चीन और कई अन्य यूरोपीय देशों में 'वॉकिंग निमोनिया' के मामलों में तेजी बढ़ोतरी देखने को मिली है। 'वॉकिंग निमोनिया' एक बोलचाल का शब्द है। जिसका इस्तेमाल निमोनिया के हल्के रूप को बताने के लिए किया जाता है। आमतौर पर निमोनिया के विपरीत वॉकिंग निमोनिया अक्सर जीवाणु माइकोप्लाज्मा निमोनिया के कारण होता है।

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जानिए माइकोप्लाज्मा निमोनिया के लक्षण

जिन बच्चों को माइकोप्लाज्मा निमोनिया संक्रमण होता है। उनमें आमतौर पर कुछ बेहद सामान्य लक्षण नजर आते हैं। इसमें गला खराब होना, थकान महसूस होना, बुखार, खांसी जो हफ्तों या महीनों तक बनी रह सकती है। सिरदर्द की समस्या भी बढ़ सकती है।

बढ़ सकते हैं निमोनिया के गंभीर मामले

हेल्थ से जुड़े एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बैक्टीरिया के कारण होने वाला निमोनिया हल्का होता है। यही कारण है कि इसे 'वॉकिंग निमोनिया' कहा जाता है। लेकिन इस निमोनिया के गंभीर मामले सामने आ सकते हैं। वहीं इस जानलेवा संक्रमण के चपेट में सबसे अधिक छोटे और स्कूली बच्चे आ रहे हैं। हालांकि, इससे यह बीमारी किसी को भी हो सकती है। भीड़ वाली जगहों पर इस बीमारी के होने का खतरा अधिक होता है। संक्रमण वाले स्थानों पर जाने से भी यह बीमारी हो सकती है।

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