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कॉटन कैंडी से कैंसर का खतरा, तमिलनाडु सरकार ने बिक्री पर लगाई रोक, मिला यह केमिकल

Cotton Candy: तमिलनाडु सरकार ने कॉटन कैंडी की बिक्री पर रोक लगा दी है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री सुब्रमण्यम ने कहा कि कॉटन कैंडी के सैंपल खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से टेस्ट के लिए भेजे गए थे। जिसमें कैंसर पैदा करने वाला केमिकल रोडामाइन-बी की मौजूदगी पाई गई। राज्य सरकार ने यह फैसला फूड एनालिसिस के बाद लिया है

Jitendra Singhअपडेटेड Feb 18, 2024 पर 10:40 AM
कॉटन कैंडी से कैंसर का खतरा, तमिलनाडु सरकार ने बिक्री पर लगाई रोक, मिला यह केमिकल
Cotton Candy: केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में भी कॉटन कैंडी की बिक्री पर रोक लगाई जा चुकी है।

Cotton Candy: रंगीन रूई की तरह मीठी कॉटन कैंडी से कैंसर का खतरा पैदा हो सकता है। ऐसे में तमिलनाडु सरकार ने राज्य में कॉटन कैंडी की बिक्री और उत्पादन पर रोक लगा दी है। इसकी वजह ये है कि इसे बनाने के लिए रोडामाइन-बी (Rhodamine-B) केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा था। यह सेहत के लिए बेहद हानिकारक है। तमिलनाडु के स्वास्थ्य मंत्री मा सुब्रमण्यम (Ma Subramanian) ने बताया कि कॉटन कैंडी के सैंपल खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से टेस्ट के लिए भेजे गए थे। इसमें 'कैंसर पैदा करने वाले' रोडामाइन-बी की मौजूदगी पाई गई थी।

सुब्रमण्यम ने एक बयान में कहा कि फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 (Food Safety Standards Act, 2006) के मुताबिक, शादी समारोहों और अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों में रोडामाइन-बी से मिले हुए खाद्य पदार्थ तैयार करना, पैकेजिंग करना, आयात करना, बेचना और परोसना दंडनीय अपराध है। उन्होंने कहा कि इसका मकसद कैंडी बनाने वालों, विक्रेताओं और ग्राहकों के बीच रंगीन कैंडी में मौजूद हानिकारक रसायनों के बारे में जागरूकता पैदा करना है।

जानिए क्या है रोडामाइन बी

इस मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों को मामले की समीक्षा करने और उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। रोडोमाइन-बी का इस्तेमाल आमतौर पर कपड़ा उद्योग में किया जाता है। यह पानी में घुलने वाला रासायनिक यौगिक (compound) है जो डाई के रूप में काम करता है। अपने चमकीले गुलाबी रंग के लिए जाना जाने वाला यह केमिकल इंसान के लिए किसी जहर से कम नहीं है। यह केमिकल इंसानों के शरीर में जाकर कोशिकाओं और ऊतकों पर ऑक्सीडेटिव तनाव पैदा कर सकता है। जब इसे खाद्य उत्पादों के साथ मिलाया जाता है तो इससे आने वाले समय में कैंसर और ट्यूमर होने का खतरा बढ़ सकता है।

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