ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (Drugs Controller General of India, DCGI) की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (Subject Expert Commitee - SEC) ने कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन (Covaxin) और कोविशील्ड (Covishield) को कुछ शर्तों के साथ बाजार में बेचने की सिफारिश की है। अभी इन टीकों को इमजरेंसी में इस्तेमाल करने की मंजूरी मिली हुई है। इससे पहले 14 जनवरी, शुक्रवार को मीटिंग में SEC ने दोनों कंपनियों से वैक्सीन के लिए अधिक डेटा और जानकारी मांगी थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, SEC को जो डेटा मिला है बाजार में बेचने के लिए लाइसेंस देने के लिए पर्याप्त है। SEC ने सिफारिश की है कि कंपनियों को पूरी तरह से बाजार में बेचने की मंजूरी मिलनी चाहिए।
पिछले हफ्ते हैदराबाद की भारत बायोटेक (Bharat Biotech) ने अपनी स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सीन (Covaxin) के लिए ड्रग रेगुलेटर बाजार में बेचने की मंजूरी मांगी थी। इस वैक्सीन को मौजूदा समय में इमरजेंसी में इस्तेमाल करने की इजाजत मिली हुई है। बाजार में मंजूरी मिलने का मतलब है कि इन दोनों को बिना किसी रिजर्वेशन और शर्त के ही इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके पहले पुणे की सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (Serum Institute of India -SII) ने अपनी वैक्सीन कोविशील्ड (Covishield) को बाजार में बेचेने के लिए एप्लीकेशन जमा किए थे।
बता दें कि भारत के टीकाकरण अभियान (vaccination drive) में कोविशील्ड और कोवैक्सीन का सबसे अधिक इस्तेमाल किया गया है। देश की करीब 88 फीसदी आबादी को कोविशील्ड लगाया गया है। वहीं 15-18 साल के बच्चों को भी अब वैक्सीन लगाई जा रही है। भारत बायोटेक ने अब वयस्कों और बच्चों के लिए कोवैक्सीन को यूनिवर्सल वैक्सीन बताया है। कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सीरम इंस्टीट्यूट आफ इंडिया और भारत बायोटेक की कोरोना वैक्सीन की दो डोज पर्याप्त होती है। दोनों वैक्सीन के रख-रखाव के लिए 2-8 डिग्री सेल्सियस तापमान जरूरी होता है।