भारत के तटीय राज्य पर इन दिनों दो गंभीर चक्रवात का खतरा मंडरा रहा है। अरब सागर में चक्रवात तेज 'गंभीर चक्रवाती तूफान' के रूप में विकसित हो रहा है, वहीं बंगाल की खाड़ी में भी चक्रवात हामून भी विकसित हो रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, हामून आंध्र तट के करीब बढ़ रहा है और इसके पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक दबाव में तब्दील होने की संभावना है। बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना दबाव 24 अक्टूबर तक कम तीव्रता वाला चक्रवाती तूफान बन सकता है। हालांकि, 2,500 किमी से अधिक दूरी तक फैले ये जुड़वां चक्रवात एक दूसरे से अहम दूरी बनाए रखेंगे। जिसकी वजह से, उनसे अलग-अलग ट्रैक को फॉलो करने की अपेक्षा की जाती है।
गंभीर चक्रवाती तूफान में कितनी होती है हवा की रफ्तार
IMD अपने प्रोसेस के तहत चक्रवाती तूफान को बांटता है। जब इसकी तीन मिनट की औसत अधिकतम निरंतर हवा की गति 63-88 किमी प्रति घंटे के बीच होती है। मौसम एजेंसी के मुताबिक गंभीर चक्रवाती तूफान में 89-117 किमी प्रति घंटे के बीच हवाएं होती हैं। वहीं एक बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान में 118-165 किमी प्रति घंटे के बीच और एक अत्यंत गंभीर चक्रवाती तूफान में 166-220 किमी प्रति घंटे के बीच हवाएं होती हैं।
ईरान ने दिया है चक्रवात का नाम
हामून चक्रवात का नाम ईरान की तरफ से दिया गया है। यह चक्रवात फिलहाल अपने शुरुआती स्टेज में है। 22 अक्टूबर की रात उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ने के बाद अब यह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में है। मौसम एजेंसी के मुताबिक हामून की वजह से 23 अक्टूबर को तटीय ओडिशा में कुछ जगहों पर और 24-25 अक्टूबर को कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की आशंका है। बांग्लादेश तट के करीब पहुंचते ही हामून के कमजोर होने की आशंका है। यह 25 अक्टूबर को खेपुपारा और चटगांव के बीच एक स्थान को पार करने के लिए तैयार है।
तेज तूफान का नाम भारत में ही पड़ा है। IMD ने अपने बुलेटिन में कहा कि यह तूफान 22 अक्टूबर की रात को पूर्वोत्तर की ओर बढ़ने के बाद अब पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में है। अगले 12 घंटों में इसके चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की संभावना है। इसके उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर बढ़ने और गहरे दबाव के रूप में 25 अक्टूबर की शाम के आसपास खेपुपारा और चटगांव के बीच बांग्लादेश तट को पार करने की बहुत संभावना है। क्योंझर, मयूरभंज और ढेंकनाल के अलावा उत्तरी और दक्षिणी तटीय जिलों में कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम वर्षा होने की उम्मीद है। इसके प्रभाव से, 23 अक्टूबर को तटीय ओडिशा में कुछ जगहों पर और अगले दो दिनों में कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।