Delhi's Air Quality: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हवा की गुणवत्ता यानि एयर क्वालिटी बिगड़ती जा रही है। शुक्रवार, 18 अक्टूबर को भी दिल्ली प्रदूषण की चपेट में रही और लगातार पांचवें दिन एयर क्वालिटी ‘खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। दिल्ली में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 293 दर्ज किया गया है। शून्य और 50 के बीच AQI को अच्छा, 51 और 100 के बीच संतोषजनक, 101 और 200 के बीच मध्यम, 201 और 300 के बीच खराब, 301 और 400 के बीच बेहद खराब और 401 और 500 के बीच AQI को गंभीर श्रेणी में माना जाता है।
मौसम विभाग के अनुसार, सुबह न्यूनतम तापमान 19.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस मौसम के सामान्य तापमान से 1.1 डिग्री अधिक है। कुछ इलाकों में एयर क्वालिटी गंभीर स्तर पर पहुंच चुकी है। ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, आनंद विहार में AQI 339, इंडिया गेट पर 270, द्वारका में 325, विवेक विहार में 324 हो चुका है। सबसे ज्यादा AQI वजीरपुर इलाके में दर्ज किया गया है। परिवहन से होने वाले एमिशन का दिल्ली के वायु प्रदूषण में लगभग 19.2 प्रतिशत योगदान है।
पराली जलाना भी है एक कारण
हवा की गुणवत्ता खराब होने का एक और बड़ा कारण पड़ोसी राज्यों में पराली जलाना है। सर्दियों के करीब आने के साथ ही दिल्ली के निवासियों को एयर क्वालिटी में गिरावट का असर महसूस होने लगा है। दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा है, "सर्दियां आ रही हैं और वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। दिल्ली में यह स्तर खराब श्रेणी में पहुंच गया है। दिल्ली में 13 हॉटस्पॉट हैं, जहां AQI 300 को पार कर गया है- वजीरपुर, मुंडका, रोहिणी, जहांगीरपुरी, आनंद विहार, द्वारका सेक्टर-8, बवाना, नरेला, विवेक विहार, ओखला फेज 2, पंजाबी बाग, अशोक विहार और आरके पुरम। वजीरपुर में AQI का स्तर सबसे अधिक था...हमने अधिकारियों को इसके पीछे स्थानीय स्रोतों का पता लगाने का निर्देश दिया है।"
लागू हो चुके हैं GRAP के पहले चरण के प्रतिबंध
बता दें कि राष्ट्रीय राजधानी में ‘ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान’ (ग्रैप) के पहले चरण के तहत प्रतिबंध लागू हो गए हैं। सर्दियों में विशेष प्रदूषण रोधी उपायों के अंतर्गत ग्रैप के पहले चरण के तहत प्रतिबंध का उद्देश्य निर्माण स्थलों पर धूल को कम करना, उचित अपशिष्ट प्रबंधन और सड़कों की नियमित सफाई के माध्यम से प्रदूषण को नियंत्रित करना है।
ग्रैप एक के पहले चरण में प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों की सख्त जांच, बेहतर यातायात प्रबंधन और उद्योगों, बिजली संयंत्रों और ईंट भट्टों में उत्सर्जन नियंत्रण को अनिवार्य बनाया गया है। इसके अलावा कचरे को खुले में जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है, डीजल जेनरेटर के इस्तेमाल को सीमित किया गया है और खानेपीने की जगहों पर कोयले या लकड़ी के इस्तेमाल पर रोक लगाई गई है। दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी ने शहरवासियों से पटाखे जलाने, कारपूल से दूर रहने को कहा है।