देश की राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सुबह-सुबह से ही धुंध की चादर में लिपटी हुई नजर आती है। चारो तरफ कोहरे का प्रकोप नजर आता है। पिछले कई दिनों से लगातार प्रदूषण का स्तर गंभीर श्रेणी में बना हुआ है। दिल्ली वासियों के लिए सांसों का संकट पैदा हो गया है। प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए दिल्ली और NCR में GRAP-3 नियम लागू हो चुके हैं। इसके बावजूद प्रदूषण में कोई गिरावट नहीं आई है। दिल्ली के दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ टूल इंजीनियरिंग इलाके का अधिकतम AQI यानी एयर क्वालिटी इंडेक्स 609 दर्ज किया है। यह गंभीर श्रेणी में है। सरकार प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए तरह-तरह के उपायों में जुटी हुई है।
दिल्ली में ठंडी हवाओं ने भी दस्तक देना शुरू कर दिया है। इससे तापमान में गिरावट आई है। मौसम विभाग (आईएमडी) ने बताया दिल्ली में न्यूनतम तापमान 11 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। पंजाब, दिल्ली, हरियाणा और पूर्वी उत्तर प्रदेश के साथ-साथ बिहार के 20 जिलों में मौसम ने करवट बदल लिया है।
जानिए दिल्ली के किस इलाके में कितना है AQI
पिछले कुछ दिनों से प्रदूषण बढ़ने के कारण राष्ट्रीय राजधानी में धुंध की चादर लिपटी हुई है। दिल्ली के शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज का एयर क्वालिटी इंडेक्स 596 दर्ज किया गया। वहीं दिल्ली इंस्टीट्यूट ऑफ टूल इंजीनियरिंग में 609, आईटीआई जहांगीरपुरी में 598, नरेला में 588, मुंडका में 581, पंजाबी बाग में 581 दर्ज किया गया। वहीं प्रशांत विहार में 564, रोहिणी में 554, न्यू सरुप नगर में 550, न्यू दिल्ली यूएस दूतावास में 532, अशोक विहार में 526, शलीमार बाग में 520, वजीरपुर में 515, भलस्वा लैंडफिल में 516, मॉडल टाउन में 509, मंदिर मार्ग में 505, बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में 503, पश्चिमी विहार में 501, रघुवीर नगर में 500 एक्यूआई दर्ज किया गया।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, वायु प्रदूषण से फिलहाल बहुत ज्यादा राहत मिलने की संभावना नहीं है। रविवार से मंगलवार तक तीन दिन हवा की गुणवत्ता बेहद खराब श्रेणी में रह सकती है। इससे आबोहवा दमघोंटू बनी रहेगी। इसके बाद इसमें सुधार की संभावना नजर आ रही है।