Delhi Blast: रोहिणी विस्फोट की खालिस्तान समर्थक ग्रुप ने ली जिम्मेदारी, दिल्ली पुलिस ने Telegram को लिखा पत्र

Delhi school blast: दिल्ली पुलिस एक धमकी भरे सोशल मीडिया पोस्ट के बाद राष्ट्रीय राजधानी में हुए विस्फोट में संभावित खालिस्तानी लिंक की जांच कर रही है। एक कथित टेलीग्राम पोस्ट में कहा गया है कि यह विस्फोट भारतीय एजेंटों द्वारा अलगाववादियों को कथित तौर पर निशाना बनाए जाने के प्रतिशोध में किया गया

अपडेटेड Oct 21, 2024 पर 10:35 AM
Delhi Blast: दिल्ली के रोहिणी में रविवार (20 अक्टूबर) सुबह प्रशांत विहार स्थित CRPF स्कूल के पास जोरदार धमाका हुआ

Rohini CRPF School Blast: दिल्ली पुलिस ने कहा कि रोहिणी के प्रशांत विहार इलाके में CRPF स्कूल में हुए विस्फोट में खालिस्तानी लिंक की जांच कर रहे हैं। दिल्ली पुलिस ने मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम (Telegram) को पत्र लिखकर प्लेटफॉर्म पर एक कथित सोशल मीडिया पोस्ट में विस्फोट की जिम्मेदारी लेने वाले ग्रुप के बारे में जानकारी मांगी है। दिल्ली के रोहिणी में रविवार (20 अक्टूबर) सुबह प्रशांत विहार स्थित सीआरपीएफ स्कूल के पास जोरदार धमाका हुआ, जिससे राष्ट्रीय राजधानी स्तब्ध रह गई। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) समेत शीर्ष जांच एजेंसियां इस विस्फोट के सुरागों को पता लगाने में जुट गई हैं।

पुलिस ने कहा कि वह इस घटना के संभावित खालिस्तानी जुड़ाव की जांच कर रही है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डाला गया है जिसमें दावा किया गया है कि यह विस्फोट भारतीय एजेंट द्वारा कथित रूप से खालिस्तान समर्थक अलगाववादियों को निशाना बनाए जाने के प्रतिशोध में किया गया। दिल्ली पुलिस के सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि यह एक कम तीव्रता वाला IED (इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) था, जिसे बिना छर्रे या बॉल बेयरिंग के टाइमर या रिमोट से नियंत्रित किया जा सकता था।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि आशंका है कि हमलावर प्रशासन को एक संदेश देना चाहते थे। विस्फोट के बाद NIA, राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) और दिल्ली पुलिस की टीम ने इलाके की घेराबंदी कर दी और फॉरेंसिक टीम ने विस्फोट के कारणों का पता लगाने के लिए घटनास्थल से सैंपल एकत्र किए।


दुकानें और एक कार क्षतिग्रस्त

पुलिस ने बताया कि स्कूल की दीवार, पास की दुकानें और एक कार क्षतिग्रस्त हो गई। सीसीटीवी कैमरे में यह विस्फोट रिकार्ड हो गया। इस विस्फोट की आवाज कई मीटर तक सुनी गई। पुलिस को संदेह है कि बम देर रात को रखा गया होगा। स्थानीय लोगों ने बताया कि बम सुबह 7 बजकर 35 मिनट और 7 बजकर 40 मिनट के बीच फटा।

टेलीग्राम पर ली जिम्मेदारी

ब्लास्ट के बाद में रविवार शाम को 'जस्टिस लीग इंडिया' द्वारा टेलीग्राम पोस्ट का एक कथित स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रसारित किया गया। उसमें नीचे 'खालिस्तान जिंदाबाद' वॉटरमार्क के साथ विस्फोट की एक क्लिप थी। 'जस्टिस लीग इंडिया' ने क्लिप के साथ पोस्ट में कहा, "अगर भारतीय कायर एजेंसी और उनके मालिक सोचते हैं कि वे हमारी आवाज को दबाने के लिए तथा हमारे सदस्यों को निशाना बनाने के लिए गंदे गुंडों को किराए पर ले सकते हैं, तो वे मूर्खों की दुनिया में रहते हैं। वे कल्पना नहीं कर सकते कि हम उनके कितने करीब हैं और हम किसी भी समय हमला करने में कितने सक्षम हैं। खालिस्तान जिंदाबाद।"

घटना के कथित वीडियो में घटनास्थल से धुएं का गुबार निकलता दिखाई दे रहा है। साथ ही, विस्फोट स्थल के पास दो कार खड़ी थी। विस्फोट से कुछ सेकंड पहले कुछ दोपहिया वाहन वहां से गुजरे थे। स्थानीय निवासियों ने कहा कि विस्फोट तेज था और इसके बाद इलाके में दुर्गंध फैल गई।

सफेद पाउडर बरामद

अधिकारियों ने बताया कि फॉरेंसिक एक्सपर्ट को घटनास्थल पर एक संदिग्ध 'सफेद पाउडर' मिला है। उन्होंने इसे जांच के लिए लैब में भेज दिया है। उन्होंने बताया कि टीम ने घटनास्थल से मिट्टी के सैंपल भी एकत्र किए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "सफेद पाउडर अमोनियम नाइट्रेट और क्लोराइड का मिश्रण हो सकता है। विस्फोट के बाद रसायनों की दुर्गंध आ रही थी। स्थानीय निवासियों और वहां पहुंचे पुलिस अधिकारियों को भी यही महसूस हुआ। हमारी टीम पूरे मामले की जांच कर रही हैं।"

एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, "यह किसी प्रकार का विस्फोटक है या कुछ और, इसका पता तभी चल सकेगा जब हम इसकी गहन जांच करेंगे। हमें संदेह है कि विस्फोट का कारण देसी बम हो सकता है।" दिल्ली पुलिस ने बताया कि वे मोबाइल नेटवर्क का डेटा एकत्र कर रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि विस्फोट के समय आसपास कौन-कौन मौजूद थे। उसने कहा कि ऐसा संदेह है कि एक देसी बम के कारण यह धमाका हो सकता है।

तेज था धमाका

एनएसजी कमांडो ने पूरे क्षेत्र में विस्फोटक सामग्री की तलाश के लिए रोबोट तैनात किए हैं। पुलिस ने बताया कि वे घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रहे हैं। पुलिस ने एक बयान में कहा कि उसे सुबह 7.47 बजे एक जोरदार धमाका होने की सूचना मिली थी। विस्फोट की आवाज सुनकर इलाके के लोग अपने घरों और दुकानों से बाहर निकल आए।

एक स्थानीय ने बताया, "हमें लगा कि पास में ही कोई एलपीजी सिलेंडर फट गया है। हमने तुरंत पुलिस और दमकल विभाग को मामले की जानकारी दी। कई दुकानों के शीशे टूट गए हैं।" पास में रहने वाले राकेश गुप्ता ने बताया कि धमाका होने के तुरंत बाद लोग अपने घरों से बाहर निकल आए।

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गुप्ता ने बताया, "हम इस बात को लेकर बहुत उलझन में हैं कि आखिर क्या हुआ है। पुलिस की कई टीम जांच कर रही हैं।" घटनास्थल के निकट स्थित चश्मे की एक दुकान के मालिक सुमित ने बताया, "मेरी खिड़की के शीशे टूट गए। मेरी दुकान के अंदर का सारा सामान जमीन पर गिर गया। यह बहुत तेज धमाका था।"

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