Delhi Jewellery Heist: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के पॉश इलाका जंगपुरा में ज्वैलरी के एक बड़े शोरूम से तीन अज्ञात चोर 20 से 25 करोड़ रुपये के हीरे-जवाहरात लूटकर फरार हो गए। इसे दिल्ली की अब तक की सबसे बड़ी डकैती कहा जा रहा है। पुलिस ने कहा कि जंगपुरा के भोगल में उमराव सिंह ज्वैलर्स नामक दुकान में चोरी हुई है। दुकान में कई CCTV कैमरे लगे हुए थे, लेकिन रविवार आधी रात के आसपास वे क्षतिग्रस्त हो गए। यह घटना मंगलवार को ही सामने आई क्योंकि बाजार क्षेत्र सोमवार को बंद रहता है। पुलिस ने बताया कि हमें मंगलवार को उमराव ज्वैलर्स से इस घटना के बारे में जानकारी मिली।
एक अधिकारी ने कहा कि हमने मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने कहा कि दुकान सोमवार को बंद रहती है। इसलिए यह घटना रविवार रात से सोमवार के बीच होने की आशंका है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि कई सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध हैं, जिनकी हमारी फोरेंसिक टीम जांच कर रही हैं। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
पुलिस के मुताबिक, चोरों ने शोरूम की पूरी तरह से रेकी करने के बाद वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने पहले तो इलेक्ट्रानिक पैनल को तोड़ा, ताकि बिजली सप्लाई को बंद किया जा सके। इसके बाद स्ट्रांग रूम (लॉकर) की एकमात्र सीमेंट की दीवार को तोड़कर अंदर घुसे। पुलिस की शुरूआती जांच इन्हीं तथ्यों पर आगे बढ़ रही है। पुलिस को आशंका है दुकानदार का कोई करीबी या परिचित वारदात में शामिल हो सकता है।
चोर पहले दोनों तरफ की आसपास की इमारतों की छतों से कूद गए और एक लकड़ी का दरवाजा तोड़ दिया, जो केवल अंदर से बंद था। फिर उन्होंने ग्राउंड फ्लोर पर जाने से पहले दुकान में लगे 6 CCTV कैमरों, वाईफाई और अलार्म सिस्टम को काटने के लिए एक कटर का इस्तेमाल किया। लॉकर में आभूषणों के अलावा 5 लाख रुपये नकद भी थे।
एक ड्रिल का उपयोग करके उन्होंने लॉकर को काट दिया। शोरूम मं घूसने के लिए उन्होंने सबसे पहले एक चौकोर छेद बनाया, जो इतना चौड़ा था कि एक व्यक्ति उसमें से निकल सके। एक पुलिस अधिकारी ने कहा, "एक आदमी अंदर आया और अपने साथ लाए बैग में सारे आभूषण और नकदी इकट्ठा कर ली।"
इसके बाद लुटेरे वहां से नहीं गए। उन्होंने प्रदर्शन के लिए रखे गए आभूषण भी लूट लिए। पुलिस के मुताबिक, डकैती को अंजाम देने में करीब तीन-चार घंटे लगे। फिर लुटेरे उसी रास्ते से पास में खड़ी बोलेरा में बैठकर निकल गए। करीब 75 साल पुरानी इस दुकान में कोई सुरक्षा गार्ड तैनात नहीं था। कॉमन गार्ड केवल रात के समय ही सुरक्षा प्रदान करता है। घटना की जानकारी मंगलवार सुबह 10.40 बजे हुई, जब दुकान खोली जा रही थी।
बाजार में इलेक्ट्रॉनिक दुकान चलाने वाले रवि ने पीटीआई को बताया, ''जिस तरह से चोरी हुई है, चोरों ने पहले कुछ रेकी की होगी।'' दुकान के मालिक मालिक महावीर प्रसाद जैन ने कहा, "इससे पहले ऐसा कुछ नहीं हुआ था। हमारी दुकान में छह से सात कर्मचारी हैं और सभी भरोसेमंद कर्मचारी हैं। वे पिछले 20 साल से काम कर रहे हैं। सोमवार को शोरूम बंद रहता है। हमने रविवार को लगभग 8 बजे इसे बंद कर दिया। मंगलवार को सुबह 10.30 बजे के आसपास दुकान खोली तब चोरी के बारे में पता चला।"
दुकान में ग्राउंड फ्लोर पर एक तिजोरी है, जिसमें एक भारी धातु का गेट और तीन तरफ दीवारें हैं। ग्राहकों के साथ लेन-देन शोरूम के ग्राउंड पर ही होता है, जबकि इसकी ऊपरी तीन मंजिलों का उपयोग भंडारण और आभूषणों से संबंधित अन्य कार्यों के लिए किया जाता है। पुलिस उपायुक्त (दक्षिणपूर्व) राजेश देव ने कहा, "हमारी फोरेंसिक टीमें चोरों द्वारा तार काटे जाने से पहले CCTV कैमरों में कैद फुटेज की जांच कर रही हैं। आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।" अभी तक तीनों चोरों की पहचान नहीं हो सकी है। हजरत निजामुद्दीन थाने में मामला दर्ज किया गया है।