हर दिन काफी संख्या में लोग दिल्ली से मथुरा रोड और बदरपुर बॉर्डर होते हुए पलवल, फरीदाबाद, सोहना और पलवल जाते हैं। इस दौरान उनको मथुरा रोड भयानक जाम मिलता है। यहां पर जाम में फंसने से लोगों का दो-दो घंटे का समय बर्बाद हो जाता है। जबकि बार्डर से इसकी दूरी मात्र 30 मिनट की है। लेकिन अब इस रास्ते से जाने वाले लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है। अब उनको इस रास्ते पर से जाने के लिए जाम में नहीं फंसना होगा।
नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने आगरा नहर पर पुल और छह लेन वाले राजमार्ग का निर्माण पूरा कर लिया है। जिसको लोगों के आवागमन को आसान बनाने के लिए मंगलवार को खोल दिया गया है। इससे इस रूट पर यात्रा करने वाले लोगों को काफी राहत मिलेगी।
दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद और ग्रेटर नोएडा से फरीदाबाद और पलवल की तरफ आने जाने के लिए लोगों को भीड़भाड़ वाले मथुरा रोड और बदरपुर बॉर्डर से गुजरना पड़ता है। इस भीड़भाड़ को कम करने के लिए ही मीठापुर चौक के पास आगरा नहर पर एक नया पुल और छह लेन का राजमार्ग बनाया गया है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य फरीदाबाद के तरफ से कालिंदी कुंज और सोहना के बीच यात्रा के समय को घटाकर मात्र 30 मिनट करना है।
वाहन चालक अब मथुरा रोड की जगह अपोलो अस्पताल के बाद जसोला होते हुए मीठापुर आराम से पहुंच सकते हैं। फिर यहां से इस छह लेन के हाईवे से बिना रुके सीधे सोहना दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे आ-जा पाएंगे। इस तरफ फरीदाबाद जाने वाले वाहन चालकों को एक और विकल्प मिल गया। शुक्रवार को इस हाईवे का ट्रायल किया गया था जिसमें यह सफल रहा।
कितनी है इसको बनाने की लागत
भारत माला प्रोजेक्ट के तहत दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए 5,500 करोड़ रुपये की लागत से 24 किलोमीटर लंबा हाईवे बनाया जा रहा है। जो फरीदाबाद सेक्टर 65 से होते हुए, यह राजमार्ग डीएनडी से सोहना में दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे तक जाता है। हालांकि हाईवे का अभी पूरा हिस्सा नहीं खोला गया है, लेकिन फरीदाबाद के सेक्टर-65 साहूपुरा से सोहना तक 26 किलोमीटर का हिस्सा पहले से ही चालू है।
दिल्ली-आगरा राजमार्ग के खुलने से यातायात की भीड़ कम होने और बेहतर कनेक्टिविटी का वादा किया गया है। दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ, हरिद्वार, हापुड़, बिजनौर और राजस्थान के अलवर, भरतपुर, दौसा और जयपुर जैसे शहरों की ओर जाने वाले यात्रियों को यह यात्रा करना आसान हो जाएगा।