दिवाली की शुरुआत कल धनतेरस से हो जाएगी। सालभर के सबसे बड़े त्योहार दिवाली के लिए देशभर के सभी बाजारों और कारोबारियों ने पूरी तैयारी कर ली है। ट्रेडर्स एसोसिएशन के मुताबिक कल धनतेरस के दिन देशभर में 50,000 करोड़ रुपये के कारोबार का अनुमान है। वहीं देश भर के बाजारों में चाइनीज प्रोडक्ट की जगह भारतीय प्रोडक्ट की डिमांड बढ़ी है।
कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया और राष्ट्रीय महामंत्री श्री प्रवीन खंडेलवाल ने बताया की आज और कल धनतेरस के मौके पर देश भर में लगभग 50,000 करोड़ रुपये के रिटेल कारोबार का अनुमान है। वहीं, दूसरी तरफ इस दिवाली पर वोकल फॉर लोकल का असर बाजारों में नजर आया है। एक अनुमान के अनुसार दिवाली से जुड़े चीनी सामानों की सेल अब न के बराबार होने से चीन को लगभग 1 लाख करोड़ रुपये की चपत लगी है।
धनतेरस के दिन सिद्धि विनायक श्रीगणेश , धन की देवी महालक्ष्मी तथा कुबेर जी की पूजा होती है। इस दिन नई वस्तु खरीदना शुभ माना जाता है । इस दिन सोने चांदी के गहने, सभी प्रकार के बर्तन, रसोई का सामान, गाड़ी, कपड़े और रेडीमेड गारमेंट, इलेक्ट्रॉनिक्स, बिजली का सामान आदि जैसे कंप्यूटर एवं कंप्यूटर से जुड़े प्रोडक्ट मोबाइल, फर्नीचर, अकाउंट्स आदि खरीदना शुभ माना जाता है।
धनतेरस के लिए सभी ट्रेडर्स ने काफी तैयारी की है। सोने-चांदी, डायमंड आदि के नये डिजाइन के गहनों का स्टॉक किया हुआ है। उन्होंने बताया की इस साल आर्टिफिशियल ज्वेलरी की भी बड़ी मांग बाजारों में दिखाई दे रही है। वहीं, सोने चाँदी के सिक्के, नोट एवं मूर्तियों को भी धनतेरस पर बड़ी डिमांड रहने वाली है। मात्रा में ख़रीदा जाना भी संभावित है।
धनतेरस के दिन पीतल आदि के बर्तन खरीदने को भी शुभ माना गया है और इसीलिए धनतेरस के दिन बर्तनों खासकर खाना बनाने वाले सामानों की बिक्री होती है। देश भर में लोगों के अलावा केटरिंग के कारोबार से जुड़े लोग, हलवाई, होटल और रेस्टोरेंट कारोबारी धनतेरस के दिन विशेष रूप से बर्तन आदि खरीदते हैं ।