Diabetes: देश में डायबिटीज के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। हर उम्र के लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। बुजुर्गों के अलावा युवाओं को डायबिटीज नहीं छोड़ रही है। इसकी वजह गलत खानपान और लाइफ स्टाइल को माना जा रहा है। डायबिटीज की बीमारी लाइलाज है। इसे सिर्फ कंट्रोल किया जा सकता है। यही वजह है कि हेल्थ एक्सपर्ट ब्लड शुगर के मरीजों को सही डाइट के साथ-साथ एक्सरसाइज करने की भी सलाह भी देते हैं। डायबिटीज के मरीजों को अपना ब्लड शुगर लेवल हमेशा कंट्रोला में रखना बेहद जरूरी होता है।
आमतौर पर 140 mg/dL (7.8 mmol/L) से कम ब्लड शुगर का स्तर सामान्य माना जाता है। अगर यह 200 mg/dL से ऊपर है तो इसका मतलब है कि आपका शुगर बढ़ा हुआ है। लेकिन अगर यह 300 mg/dL से 400 mg/dL तक चला जाता है तो यह बहुत खतरनाक हो सकता है। ऐसे में मरीज को फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
कैसे समझें कि ब्लड शुगर 300 को पार कर गया है ?
आमतौर पर डायबिटीज के मरीजों को पता चल जाता है कि उनका ब्लड शुगर बहुत बढ़ रहा है। वैसे जब ब्लड शुगर लेवल 300 या 400 mg/dl हो जाए तो बहुत ज्यादा प्यास लगती है। इसमें बार-बार पेशाब लगता है। इसके अलावा बहुत अधिक कमजोरी, बेचैनी, देखने में दिक्कत, कंफ्यूजन, पेट में दर्द, सांसों से फ्रूट जैसा स्मेल जैसी शिकायतें बढ़ने लगती हैं। इस स्थिति में अस्पताल में डॉक्टर मरीज को इंसुलिन थेरेपी देते हैं। शरीर में जमा हुए हानिकाकर फ्लूड और इलेक्ट्रोलाइट्स को बदल देते हैं। खून में जितने भी ग्लूकोज हैं। वो हानिकारक एसिड में बदलने लगता है। इससे हार्ट और नसों पर बुरा असर पड़ता है। अगर ब्लड शुगर 400 से उपर चला जाए तो रिस्क और ज्यादा बढ़ जाता है।
ब्लड शुगर बढ़ने पर करें ये उपाय
ज्यादा कार्ब्स खाने से ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। लिहाजा ब्रेड जैसे कार्ब्स के सेवन से फौरन दूरी बना लेनी चाहिए। अपनी डाइट में फल, सब्जियां, साबुत अनाज को जरूर शामिल करें। इससे ब्लड शुगर लेवल हमेशा कंट्रोल में रहता है। वहीं ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने के लिए पानी का भी इस्तेमाल कर सकते है। समय-समय पर पानी पीते रहें।
बता दें कि पानी के जरिए किडनी टॉक्सिन्स और इंसुलिन को शरीर से बाहर निकालने का काम करता है। वहीं जब आप पानी नहीं पीते तो इसकी वजह से किडनी की कार्य क्षमता पर असर पड़ता है। डायबिटीज के मरीज को दिन में कम से कम 2 से 3 लीटर पानी पीना चाहिए। इससे ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल करने में मदद मिलती है।
रोजाना कितनी एनर्जी खर्च करते हैं, इसका हिसाब करें
ब्लड शुगर के मरीज रोजाना कितनी एनर्जी बर्न करते हैं। इसका हिसाब रखना चाहिए। जितनी एनर्जी करते हैं। इसकी 26 फीसदी एनर्जी कार्बोहाइड्रेट से हासिल करें। वहीं 1-2 ग्राम एनर्जी प्रोटीन से लेना है। बची हुई कैलोरी हेल्दी फैट से लेना है। एक हफ्ते तक इस नियम का पालन करने से ब्लड शुगर नॉर्मल हो जाएगा।