Diwali 2022: दिल्ली-NCR (राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र) में दिवाली (Diwali) के मौके पर घरों में पटाखे (Firecrackers) जलाने में पांच साल में सबसे ज्यादा उछाल हो सकता है, क्योंकि हर पांच में से दो परिवारों के इस गतिविधि में शामिल होने की संभावना है। एक सर्वे में यह जानकारी दी गई है।
लोकल सर्किल की तरफ से किए गए सर्वे के अनुसार, जवाब देने वाला लगभग 10 ने कहा कि वह दिल्ली में दुकानों से पहले ही पटाखे खरीद चुके हैं, जबकि 20 प्रतिशत ने कहा कि उन्होंने NCR के दूसरे शहरों से पटाखे खरीदे हैं। इससे पता चलता है कि ऐसी वस्तुओं की बिक्री पर प्रतिबंध नहीं है।
सर्वे को दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम और फरीदाबाद के सभी जिलों के निवासियों से 10,000 से ज्यादा प्रतिक्रियाएं मिलीं। उत्तरदाताओं में 79% पुरुष थे, जबकि 31% महिलाएं शामिल थीं।
सर्वे के मुताबिक, "61 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि वह कोई पटाखे नहीं जलाएंगे। उनका मानना है कि पटाखे प्रदूषण का कारण बनते हैं और वह लोग प्रतिबंध का पालन कर रहे हैं। सर्वे के नतीजे की तुलना करने पर पता चला कि पटाखे जलाने वाले परिवारों का प्रतिशत 2018 के बाद से पांच साल में इस साल सबसे ज्यादा होने की संभावना है।''
सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक, "2018 में 32 प्रतिशत ऐसे परिवारों के मुकाबले, 2019 में प्रतिशत बढ़कर 35 हो गया, लेकिन 2021 में Covid-19 की दूसरी लहर के बाद यह गिरकर 32 फीसदी हो गया था। इस साल उत्सव के मद्देनजर और NCR के नोएडा, गाजियाबाद और गुरुग्राम में पटाखों पर कोई प्रतिबंध नहीं होने के कारण 39 फीसदी परिवार दिल्ली-NCR में पटाखे जलाने की योजना बना रहे हैं।"
दिल्ली सरकार ने हाल ही में घोषणा की थी कि शहर में पटाखों का निर्माण, स्टोरेज या बिक्री करने पर विस्फोटक अधिनियम की धारा 9B के तहत तीन साल की जेल और 5,000 रुपए तक के जुर्माने की सजा हो सकती है।
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बुधवार को कहा कि दिवाली पर शहर में पटाखे जलाने पर छह महीने तक की जेल और 200 रुपए का जुर्माना हो सकता है।
दिल्ली सरकार ने सितंबर में एक आदेश जारी करके अगले साल एक जनवरी तक सभी प्रकार के पटाखों के प्रोडक्ट, बिक्री और इस्तेमाल पर फिर से पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया था। पिछले दो साल से इस तरह का प्रतिबंध जारी है।