Greater Noida: ग्रेटर नोएडा में ड्रग्स फैक्ट्री का भंडाफोड़, 200 करोड़ रुपये की ड्रग्स बरामद

ग्रेटर नोएडा के पॉश सेक्टर ओमेगा स्थित जज सोसायटी में विदेशी नागरिक ड्रग्स फैक्ट्री चला रहे थे। पुलिस ने मौके से दो विदेशी नागरिकों की गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को मौके पर ड्रग्स फैक्ट्री चलती हुई मिली है और 20 किलो से अधिक की ड्रग्स बरामद हुई है

अपडेटेड May 31, 2023 पर 11:59 AM
इससे पहले भी ग्रेटर नोएडा में 17 मई को एक ड्रग्स फैक्ट्री पकड़ी गई थी

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे ग्रेटर नोएडा (Greater Noida) में पुलिस ने एक और ड्रग्स फैक्ट्री (Drug Factory) का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने शहर के पॉश इलाके में छापेमारी की, जिसमें करीब 20 किलोग्राम की ड्रग्स मिली है। एक मकान के अंदर यह ड्रग्स फैक्ट्री चलाई जा रही थी। बताया जा रहा है कि यहां से करीब 20 किलो ड्रग्स बरामद हुए हैं। जिसकी कीमत इंटरनेशनल मार्केट में करीब 200 करोड़ के आसपास बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है और कुछ भी कहने से बचती नजर आ रही है।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक, इससे पहले भी ग्रेटर नोएडा में 17 मई को एक ड्रग्स फैक्ट्री पकड़ी गई थी। जिसमें पकड़े गए आरोपित ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए थे। इन्हीं खुलासों की मदद से पुलिस ने आज छापेमारी की और एक अन्य ड्रग्स फैक्ट्री पकड़ी है।

ग्रेटर नोएडा के पॉश सेक्टर ओमेगा स्थित जज सोसायटी में विदेशी नागरिक ड्रग्स फैक्ट्री चला रहे थे। पुलिस ने मौके से दो विदेशी नागरिकों की गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को मौके पर ड्रग्स फैक्ट्री चलती हुई मिली है और 20 किलो से अधिक की ड्रग्स बरामद हुई है।


पूर्व में सूरजपुर में पकड़ी गई ड्रग्स फैक्ट्री के मामले में जेल गए आरोपित चिड़ी को रिमांड पर लेकर पुलिस ने पूछताछ शुरू की थी। इसी पूछताछ में पता चला कि ग्रेटर नोएडा में एक और ड्रग्स फैक्ट्री चल रही है, इसी आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर दूसरी ड्रग्स फैक्ट्री पकड़ी है।

एडिशनल डीसीपी ग्रेटर नोएडा अशोक कुमार ने बताया कि रिमांड पर लाए गए विदेशी नागरिक से पूछताछ के दौरान दूसरी फैक्ट्री की जानकारी मिली। मौके पर छापेमारी की जा रही है। आशंका है कि यह फैक्ट्री भी करीब 1 साल से संचालित हो रही थी। यहां से ड्रग्स की सप्लाई विदेश में भी होती थी।

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आपको बता दें कि ग्रेटर नोएडा पूरी तरीके से इंस्टीट्यूशनल हब के रूप में जाना जाता है। इसके साथ साथ आसपास के इलाकों में भी कई मल्टीनेशनल कंपनियां है, जिनमें बड़ी संख्या में लोग काम करते हैं। फिलहाल पुलिस इस पूरी चेन को पकड़ने की कोशिश कर रही है।

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