इलेक्ट्रिक कार बनाने वाली कंपनी टेस्ला (Tesla) के सीईओ एलॉन मस्क (Elon Musk) को सोशल मीडिया पर अक्सर हंसी-मजाक वाले कमेंट या पोस्ट करने के लिए जाना जाता है। हालांकि अब एलॉन मस्क का एक इमोशलन पहलू लोगों के सामने आया है, जो उनके पहले बेटे की मौत से जुड़ा है। एलॉन मस्क ने साल 2018 में टेस्ला की एक कार दुर्घटनाग्रस्त होने से जान खोने वाले एक लड़के के माता-पिता को लिखे ईमेल में अपने पहले बेटे की मौत का जिक्र किया था। यह ईमेल करीब तीन सालों के बाद अब जाकर सार्वजनिक हुआ है।
मस्क ने जेम्स रिले को 10 मई 2018 को लिखे एक ईमेल में कहा था, "एक बच्चे को खोने से बुरा कुछ भी नहीं हो सकता है।" जेम्स रिले के 18 वर्षीय बेटे बैरेट रिले की 2018 में एक कार दुर्घटना में मौत हो गई थी। बैरेट रिले अपने दोस्त के साथ टेस्ला मॉडल एस कार को 116 माइल प्रति घंटे की चला रहा था। कार का कंट्रोल खोने से वह एक कंक्रीट की दीवार में टकरा गई। एक्सीटेंड के फौरन बाद कार में आग लग गई और उस हादसे में रिले और उसके दोस्त, एडगर मोनसेराट की मौके पर ही मौत हो गई।
एडगर मोनसेराट की फैमिली ने इस मामले में गलत तरीके से हुई मौत को लेकर टेस्ला के खिलाफ मुकदमा दाखिल किया है। इसी केस की सुनवाई के दौरान एलॉन मस्क और बैरेट के माता-पिता के बीच हुई सात महीनों तक ईमेल के जरिए लंबी बातचीत को कोर्ट फाइलिंग में शामिल किया गया है।
हादसे के करीब 24 घंटे बाद बाद एलन मस्क ने बैरेट रिले के पिता जेम्स रिले को लिखे एक ईमेल में कहा, "एक बच्चे को खोने से बुरा कुछ भी नहीं होता है। क्या वे उनसे कुछ कहना चाहते हैं?" इस पर बैरेट के पिता ने कहा कि वे या उनकी पत्नी इस बारे में कोई बात नहीं करना चाहते हैं।
मस्क ने इस पर कहा, "मै समझ सकता हूं। मेरे पहले बेटे की मौत मेरी बांहों में हुई थी। मैंने उसके दिल की आखिरी धड़कन को महसूस किया है।" मस्क यहां अपने पहले बेटे नेवाडा अलेक्जेंडर मस्क के बारे में बात कर रहे थे, जिसकी महज 10 हफ्ते में मौत हो गई थी। एलन मस्क ने इससे पहले कभी भी सार्वजनिक रूप से अपने बेटे की मौत के बारे में बात नहीं की है।
एलॉन मस्क के साथ बातचीत में बैरेट के पिता ने उनसे टेस्ला की कार में एक ऐसा प्रोग्राम जोड़ने का कहा कि जिससे की किसी बच्चे के माता-पिता भी कार की स्पीड को कंट्रोल कर सकें। मस्क ने उनके इस अनुरोध को स्वीकार किया और टेस्ला ने जून 2018 में एक सॉफ्टवेयर अपग्रेड जारी किया था, जिसमें स्मार्टफोन या यूजर इंटरफेस की मदद से कार की स्पीड को 50 से 90 मील प्रति घंटा निर्धारित किया जा सकता है।