केरल सरकार ने बस, ऑटोरिक्शा, टैक्सी और क्वाड्रिसाइकिल (quadricycles) के न्यूनतम किराए में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। इसके साथ ही छात्रों के टिकट की दर में भी बढ़ोतरी की पड़ताल करने के लिए एक आयोग नियुक्त किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, एक मई से केरल में यात्रियों को बस, ऑटो या टैक्सी से सफर करने के लिए अधिक भुगतान करना होगा।
समाचार एजेंसी पीटीआई ने राज्य के परिवहन मंत्री एंटनी राजू का हवाला देते हुए बताया कि इस संबंध में आवश्यक आदेश जल्द ही जारी किए जाएंगे। इस बीच, राज्य सरकार एक आयोग का गठन करेगा कि क्या छात्र टिकट की कीमतों में भी वृद्धि की जानी चाहिए या नहीं।
केरल में पिनाराई विजयन के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार ने 30 मार्च को घोषणा की थी कि उसने बसों, ऑटोरिक्शा, टैक्सियों और क्वाड्रिसाइकिल से यात्रा के लिए न्यूनतम किराए में वृद्धि करने का फैसला किया है।
अब यात्रियों को कितना भुगतान करना होगा?
राज्य के परिवहन मंत्री एंटनी राजू ने कहा था कि बस का न्यूनतम किराया 8 रुपये से बढ़ाकर 10 रुपये और इसके बाद में प्रति किलोमीटर का भाड़ा 90 पैसे से बढ़ाकर एक रुपये करने का निर्णय लिया है। साथ ही छात्र टिकट की दरों में वृद्धि के मुद्दे की जांच के लिए एक आयोग नियुक्त किया है।
परिवहन मंत्री ने कहा कि इसके अलावा सरकार ने ऑटो का किराया भी बढ़ाने का भी फैसला किया है। जिसके मुताबिक डेढ़ किलोमीटर के लिए मौजूदा 25 रुपये की दर के मुकाबले अब पहले दो किलोमीटर के लिए 30 रुपये वसूले जाएंगे। इसके बाद हर किलोमीटर के लिए 15 रुपये लिए जाएंगे। अबतक पहले डेढ़ किलोमीटर के लिए 25 रुपये और इसके बाद हर किलोमीटर के लिए 12 रुपये वसूले जाते थे।
टैक्सी किराए के बारे में सरकार ने कहा था कि 1,500 सीसी से कम इंजन क्षमता वाली कारों के लिए 5 किलोमीटर के लिए न्यूनतम किराए को बढ़ाकर 200 रुपये किया जाएगा। मौजूदा दर 5 किलोमीटर के लिए 175 रुपये है। इसके बाद, 15 रुपये प्रति किमी की मौजूदा दर के मुकाबले अब 18 रुपये किराया लगेगा। वहीं, क्वाड्रिसाइकिल के न्यूनतम किराए को 30 रुपये से बढ़ाकर 35 रुपये और प्रति किलोमीटर के किराए को 12 रुपये से बढ़ाकर 15 रुपये किया जाएगा।
हालांकि, इस कदम से निजी बस मालिक नाखुश हैं। दरअसल, निजी बस मालिकों ने आम जनता का न्यूनतम किराया 8 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये और बाद में प्रति किलोमीटर किराया 90 पैसे से बढ़ाकर 1.10 रुपये करने की मांग की थी।
वे यह भी चाहते थे कि न्यूनतम छात्र किराया बढ़ाकर 6 रुपये कर दिया जाए। इसलिए, इस मुद्दे की जांच के लिए एक आयोग नियुक्त करने के सरकार के फैसले से वे असंतुष्ट हैं। उन्होंने दरों में प्रस्तावित वृद्धि का यह कहते हुए स्वागत नहीं किया कि यह पर्याप्त नहीं है।
बढ़ती महंगाई से बिगड़ा घरों का बजट
बता दें कि बीते कुछ महीनों से आवश्यक वस्तुओं और ईंधन के मूल्य में लगातार हो रही वृद्धि के कारण के आम लोगों के घर का बजट पूरी तरह से गड़बड़ा गया है। समाज का लगभग हर वर्ग इससे परेशानी महसूस कर रहा है।
जहां एक ओर सब्ज़ियों के दाम आसमान छू रहे हैं। वहीं पिछले एक महीने में पेट्रोल और डीजल के दाम में 10 रुपए प्रति लीटर तक वृद्धि हुई है। इसके अलावा, पिछले कुछ दिनों में रसोई गैस सहित अन्य पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भी वृद्धि देखी गई है, जिससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।