Seasonal Flu: मौसमी बुखार, सर्दी और खांसी के मरीज न लें ये दवा, IMA ने बचने की दी सलाह

Seasonal Flu: इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने देश भर के डॉक्टरों को सलाह दी कि वे मौसमी बुखार, सर्दी और खांसी के लिए एंटीबायोटिक्स दवाएं लिखने से बचें, क्योंकि H3N2 Virus के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। देश के सबसे बड़े मेडिकल बॉडी ने अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक नोटिस के जरिए यह जानकारी दी है। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक नोटिस में IMA ने ऐसे मरीजों को भी एंटीबायोटिक दवाओं के नुस्खे से बचने की सलाह दी है

अपडेटेड Mar 03, 2023 पर 11:43 PM
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IMA ने मौसमी बुखार, सर्दी और खांसी के मरीजों को एंटीबायोटिक दवाओं के नुस्खे से बचने की सलाह दी है

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने शुक्रवार को देश भर के डॉक्टरों और चिकित्सकों को सलाह दी कि वे मौसमी बुखार, सर्दी और खांसी के लिए एंटीबायोटिक्स दवाएं लिखने से बचें, क्योंकि एच3एन2 वायरस (H3N2 Virus) के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। देश के सबसे बड़े मेडिकल बॉडी ने अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट्स पर एक नोटिस के जरिए यह जानकारी दी। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए एक नोटिस में IMA ने मौसमी बुखार, सर्दी और खांसी के मरीजों को भी एंटीबायोटिक दवाओं के नुस्खे से बचने की सलाह दी है।

IMA की स्टैंडिंग कमेटी फॉर एंटी-माइक्रोबियल रेजिस्टेंस की ओर से जारी नोटिस के मुताबिक, मौसमी बुखार 5 से 7 दिनों तक रहेगा। नोटिस में आगे कहा गया है कि बुखार तीन दिनों के बाद चला जाता है, लेकिन खांसी तीन सप्ताह तक बनी रह सकती है। यह ज्यादातर 50 साल से ऊपर और 15 वर्ष से कम आयु के लोगों में होता है। नोटिस में कहा गया है कि वायु प्रदूषण इन वायरस के मुख्य कारणों में से एक है।


मेडिकल बॉडी ने डॉक्टरों से केवल सिम्पटोमैटिक ट्रीटमेंट (Symptomatic Treatment) देने की अपील की है। IMA के मुताबिक, कई एंटीबायोटिक दवाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है। उदाहरण के लिए डायरिया के 70% मामले वायरल डायग्नोसिस (Viral Diagnoses) के होते हैं, जिसके लिए एंटीबायोटिक्स की जरूरत नहीं होती है। लेकिन डॉक्टरों द्वारा अक्सर एंटीबायोटिक्स लेने की सलाह दी जाती है।

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नोटिस के मुताबिक, सबसे ज्यादा गलत इस्तेमाल की जाने वाली एंटीबायोटिक्स Amoxicillin, Norfloxacin, Oprofloxacin, Ofloxacin और Levofloxacin हैं। इनका उपयोग डायरिया और UTI के लिए किया जा रहा है। IMA ने कहा है कि एंटीबायोटिक दवाओं को निर्धारित करने से पहले यह पता लगाना आवश्यक है कि इन्फेक्शन बैक्टीरियल है या नहीं। मेडिकल एसोसिएशन ने संक्रमण की रोकथाम के लिए लोगों से भीड़-भाड़ वाली जगहों से बचने की सलाह दी है। साथ ही अच्छे से हाथ धोने की अपील की है।

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