Forbes India: भारत लगातार पूरी दुनिया में बिजनेस वर्ल्ड पर अपना दबदबा कामय करने में जुटा हुआ है। Google से लेकर Microsoft जैसे ग्लोबल ब्रांड्स के सीईओ भारतीय ही हैं। हाल ही में Forbes की लिस्ट ने भारतीय अरबपतियों की एक लिस्ट जारी की है। इस लिस्ट के मुताबिक 2022 में भारत में कुल अरबपतियों की संख्या 166 थी जो अब बढ़कर 169 हो गई है। इस लिस्ट में से हम आपके सामने पेश कर रहे हैं भारत के सबसे उम्रदराज अरबपति। आइए भारत के इन्हीं खास चेहरों पर एक नजर डालते हैं-
लछमण दास मित्तल - Sonalika Group
92 साल के लछमण दास मित्तल भारत के सबसे उम्रदराज अरबपति है। लछमण दास ट्र्रैक्टर बनाने वाली कंपनी Sonalika के फाउंडर हैं। लछमण दास मित्तल पहले एक लाइफ इंश्योरेस कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया के लिए काम किया करते थे। कहते हैं ना कि सपने देखने की उम्र नहीं होती। लछमण दास ने भी 60 साल की उम्र में अपनी नौकरी छोड़ी और 1990 में अपना बिजनेस शुरू किया।
बेनु गोपाल बांगड़ - Shree Cement
Shree Cement भारत की सबसे बड़ी सीमेंट बनाने वाली कंपनी है। Shree Cement को सफलतापूर्वक इस आयाम तक पहुंचाने वाले बेनु गोपाल बांगड़ हैं। 91 साल के बेनु गोपाल ने Shree Ultra Jung Rodhak, Bangur Cement और Rockstrong जैसी सफल कंपनियां खड़ी की हैं। 1990 में इनके फैमिली बिजनेस का बंटवारा हो गया, बांगड़ सीमेंट अलग हो गया जो इनकी कंपनी का खास हिस्सा हुआ करता था। हाल ही में Forbes की जारी की गई अरबपतियों की लिस्ट में इनकी नेट वर्थ डॉलर 7.1 बिलियन बताई गई है।
दिल्ली के बाहरी इलाके में DLF सिटी बनाने वाले कोई और नहीं केपी सिंह ही हैं। 91 वर्ष के केपी सिंह ने एक मल्टी बिलियन रिएल एस्टेट अंपायर खड़ी की है। DLF को भले ही आज उनके बेटे राजीव संभालते हों लेकिन DLF के चेयरमैन केपी सिंह ही हैं। केपी सिंह की नेट वर्थ डॉलर 9.9 बिलियन है।
प्रताप रेड्डी - Apollo Hospital Enterprise
फेमस कार्डियोलॉजिस्ट प्रताप रेड्डी भारत के सबसे फेमस हॉस्पिटल चेन Apollo के मालिक हैं। 1983 में इस कंपनी को प्रताप रेड्डी ने खड़ा किया था। आज Apollo चेन के अंडर 5000 से ज्यादा फार्मास्युटिकल्स, 291 प्राइमरी हेल्थ केयर सेंटर और 71 हॉस्पिटल आते हैं। 91 साल के प्रताप रेड्डी ने अपना सारा बिजनेस चारों बेटियों को सौंप दिया है। इनकी नेट वर्थ डॉलर 2.2 बिलियन है।
हसमुख चुडगर - Intas Pharmaceutical
मेडिकल बिजनेस वेंचर में Intas Pharmaceutical ने पिछले कुछ सालों में काफी मुनाफा कमाया है। 89 साल के हसमुख चुडगर Intas Pharmaceutical के फाउंडर हैं। 1977 में कंपनी की नींव रखी गई थी। आज कंपनी को चुडगर के दोनों बेटे निमिश और बिनिश संभाल रहे हैं। भले ही सारी ऑपरेशनल ड्यूटीज से हसमुख बाहर हो गए हैं लेकिन उनकी नेट वर्थ अभी भी डॉलर 7.6 बिलियन है।