Jimmy Carter: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति पर पड़ा हरियाणा के गांव 'कार्टरपुरी' का नाम, बहुत दिलचस्प है ये किस्सा

Jimmy Carter: पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति जिमी कार्टर के नाम पर हरियाणा के एक गांव का नाम 'कार्टरपुरी' रखा गया था। 1978 में भारत दौरे के दौरान अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर अपनी पत्नी के साथ इस गांव में आए थे। जिमी कार्टर का भारत के साथ गहरा संबंध था और वह भारत आने वाले तीसरे अमेरिकी राष्ट्रपति भी थे

अपडेटेड Dec 30, 2024 पर 1:19 PM
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Jimmy Carter: हरियाणा के एक गांव का नाम जिमी कार्टर के नाम के नाम पर रखा गया है, जिसे 'कार्टरपुरी' के नाम से जाना जाता है

अमेरिका के 39वें राष्ट्रपति जिमी कार्टर का रविवार को 100 साल की उम्र में निधन हो गया। वह अब तक के सबसे अधिक उम्र तक जिंदा रहने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति थे। कार्टर का निधन उनके घर जॉर्जिया में हुआ। वह काफी लंबे समय से त्वचा के कैंसर (मेलानोमा) बीमारी से पीड़ित थे। यह बीमारी उनके लीवर और दिमाग तक भी फैल गया था। उन्होंने इलाज बंद कर दिया था और घर पर ही देखभाल में थे।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर का भारत से भी गहरा संबंध रहा है। वह भारत आने वाले तीसरे अमेरिकी राष्ट्रपति भी थे। आपको जानकर हैरानी होगी की हरियाणा के एक गांव का नाम उनके नाम पर रखा गया है। यह गांव 'कार्टरपुरी' के नाम से जाना जाता है। आइए जानते है इसकी पूरी कहानी

इमरजेंसी के बाद आए थे भारत


जिमी कार्टर को भारत का सच्चा मित्र माना जाता था। वह इमरजेंसी के बाद और 1977 में जनता पार्टी की जीत हुई और मोरारजी देसाई को प्रधानमंत्री बनाया गया। इमरजेंसी खत्म होने के बाद मोरारजी देसाई की सरकार के दौरान जिमी कार्टर भारत दौरे पर आए थे। 2 जनवरी 1978 को कार्टर ने भारतीय संसद को संबोधित भी किया था, जहां पर उन्होंने तानाशाही शासन के खिलाफ मजबूती से अपनी आवाज उठाई थी।

इस गांव का दौरा किए  थे दौरा

कार्टर सेंटर के मुताबिक, 3 जनवरी 1978 को जिमी कार्टर और तत्कालीन फर्स्ट लेडी रोसालिन कार्टर ने हरियाणा के दौलतपुर-नसीराबाद गांव का दौरा किए थे। जो नई दिल्ली से लगभग एक घंटे की दूरी पर स्थित है। वहां के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया और उन्हें स्थानीय उपहार भेंट किए। यह यात्रा इतनी सफल रही कि गांव के निवासियों ने उस क्षेत्र का नाम बदलकर 'कार्टरपुरी' रख दिया। इसके बाद राष्ट्रपति कार्टर के कार्यकाल के दौरान गांव का व्हाइट हाउस के साथ संपर्क बना रहा। जब 2002 में राष्ट्रपति कार्टर को नोबेल शांति पुरस्कार मिला तो इस गांव में भी उत्सव मनाया गया था।

मां का भी है इस गांव से कनेक्शन

जिमी कार्टर की मां लीलियान ने इस गांव में 1960 के दौरान काफी काम किया था, वह यहां पर अक्सर जाया करती थी। जिमी कार्टर भारत की यात्रा करने वाले तीसरे अमेरिकी राष्ट्रपति थे और ऐसे इकलौते राष्ट्रपति थे जिनका भारत से व्यक्तिगत जुड़ाव था। उनकी मां लिलियन ने 1960 के दशक के अंत में पीस कॉर्प्स के साथ भारत में स्वास्थ्य स्वयंसेवक के रूप में अपनी सेवाएं दी थीं।

अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति कार्टर ने डेमोक्रेट पार्टी की ओर से 1977 से 1981 तक एक कार्यकाल पूरा किया। कार्टर ने राष्ट्रपति पद के बाद भी कई असाधारण काम किए। इसके लिए साल 2002 में उनको शांति के लिए नोबेल पुरस्कार दिया गया।

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