Alphabet CEO Salary: 2022 में Sundar Pichai को मिले 1854 करोड़, छंटनी के माहौल में भी एंप्लॉयीज और सीईओ की सैलरी में जमीन-आसमान का फर्क

Alphabet CEO Salary: ऐसे समय में जब टेक कंपनियां बड़े पैमाने पर छंटनी कर रही हैं, ऊंचे लेवल पर कोई खास फर्क नहीं दिख रहा है। दिग्गज सर्च इंजन गूगल (Google) की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट (Alphabet) की बात करें तो इसके सीईओ सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) को पिछले साल 22.6 करोड़ डॉलर (1854.12 करोड़ रुपये) की इनकम हासिल हुई थी। इसकी तुलना गूगल के एंप्लॉयीज की औसत सैलरी से करें तो जमीन-आसमान का फर्क है

अपडेटेड Apr 22, 2023 पर 11:42 AM
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अल्फाबेट (Alphabet) के सीईओ सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) को पिछले साल 22.6 करोड़ डॉलर (1854.12 करोड़ रुपये) की इनकम हासिल हुई थी। यह गूगल के एंप्लॉयीज की मीडियन सैलरी से 880 गुना से भी अधिक रही।

Alphabet CEO Salary: दिग्गज सर्च इंजन गूगल (Google) की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट (Alphabet) के सीईओ सुंदर पिचाई (Sundar Pichai) को पिछले साल 2022 में 22.6 करोड़ डॉलर (1854.12 करोड़ रुपये) की इनकम हासिल हुई थी। यह गूगल के एंप्लॉयीज की मीडियन सैलरी से 880 गुना से भी अधिक रही। कंपनी ने शुक्रवार को सिक्योरिटीज फाइलिंग में यह जानकारी दी है। पिचाई को कंपनी की तरफ से जो इनकम हासिल हुई है, उसमें से 21.8 करोड़ डॉलर (1788.49 करोड़ रुपये) के तो सिर्फ शेयर मिले थे। पेमेंट में इतना भारी अंतर ऐसे समय में सामने आया है, जब कंपनी दुनिया भर में अपने एंप्लॉयीज को बाहर का रास्ता दिखा रही है।

Alphabet Layoff: 12000 एंप्लॉयीज की छंटनी का ऐलान

अल्फाबेट ने इस साल जनवरी 2023 में दुनिया भर में 12 हजार एंप्लॉयीज का छंटनी की योजना का ऐलान किया था। यह इसके कुल वर्कफोर्स का करीब 6 फीसदी है। इस महीने की शुरुआत में छंटनी पर विवाद के बाद गूगल के सैकड़ों एंप्लॉयीज ने कंपनी के लंदन में स्थित ऑफिसों से वाकआउट कर दिया था। पिछले महीने मार्च में 200 से अधिक एंप्लॉयीज की छंटनी के बाद ज्यूरिख स्थित ऑफिसों से भी गूगल के एंप्लॉयीज ने वाकआउट किया था।

Google : लागत घटाने के लिए किए गए कई उपाय, कर्मचारियों को अब नहीं मिलेगा लैपटॉप, कई अन्य सेवाओं में भी कटौती


लागत घटाने के लिए Google की पैरेंट कंपनी घटा रही सर्विसेज भी

मंदी की आशंका के बीच गूगल ने इस महीने की शुरुआत में अपने काई एंप्लॉयीज की सर्विसेज में कटौती का फैसला किया। इसके तहत जिन एंप्लॉयीज को नए लैपटॉप की जरूरत है और वे इंजीनियरिंग ड्यूटी नहीं कर रहे हैं, उन्हें अब एपल मैकबुक की बजाय क्रोमबुक देने का फैसला किया गया है। इसके अलावा एंप्लॉयीज को अब नए स्मार्टफोन का भी खर्च अब खुद उठाना होगा। वहीं 1 हजार डॉलर से अधिक लागत वाली एक्सेसरीज के लिए सीनियर से प्री-अप्रूवल लेना अनिवार्य कर दिया गया है। इसके अलावा गूगल ने और भी सर्विसेज में कटौती का फैसला किया है।

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