Gujarat Rains: गुजरात में बारिश और बाढ़ ने मचाई तबाही! 16 की मौत, कई शहर जलमग्न, वडोदरा में 12 फुट तक भरा पानी, बुलानी पड़ी सेना

Gujarat Rains: गुजरात में मूसलाधार बारिश के बाद आई बाढ़ से स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। राज्य के कई इलाके जलमग्न हैं। भारी बारिश के कारण अब तक कम से कम 16 लोगों की मौत हो चुकी है और 8,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बचाव और राहत कार्यों के लिए भारतीय सेना, NDRF और SDRF की टीमों को बुलाया गया है

अपडेटेड Aug 28, 2024 पर 7:37 PM
Gujarat Rains: कई हिस्सों में भारी बारिश के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बात की

Gujarat Rains-Flood Videos: गुजरात में पिछले कई दिनों से बारिश कहर बरपा रही है। मूसलाधार बारिश के बाद आई बाढ़ के कहर से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वडोदरा और जामनगर समेत कई शहर बुधवार (28 अगस्त) को भी जलमग्न रहे। इससे स्थिति 'चिंताजनक' हो गई। राहत एवं बचाव कार्य के लिए भारतीय सेना को बुलाया गया है। इस दौरान पानी में अजीबोगरीब चीजें बहकर एक जगह से दूसरी जगह जाती दिख रही हैं। जामनगर में पिछले 24 घंटे में 10 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है।

पानी भरने की वजह से ट्रैफिक ठप हो गया है। लगातार बारिश से बाढ़ के भयानक हालात बन गए हैं। इसके कई वीडियो सामने आ रहे हैं। गुजरात के कई हिस्सों में भारी बारिश के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (28 अगस्त) को मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बात की। साथ ही उन्हें केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

85,00 लोगों को बचाया गया


वडोदरा और वलसाड के कई हिस्से अभी भी पानी में डूबे हुए हैं। बचाव और राहत कार्यों के लिए सेना के अलावा NDRF और एसडीआरएफ की टीमों को बुलाया गया है। अधिकारियों ने अब तक 8,500 से ज्यादा फंसे हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। गुजरात के सीएम भूपेंद्र पटेल ने बुधवार शाम को गांधीनगर में राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र में जिला कलेक्टरों और नगर आयुक्तों के साथ राज्य में बारिश एवं बाढ़ की स्थिति पर समीक्षा बैठक की।

कई इलाकों में 12 फुट तक भरा पानी

पीटीआई के मुताबिक, वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद स्वास्थ्य मंत्री और सरकार के प्रवक्ता ऋषिकेश पटेल ने बताया कि वडोदरा शहर के कुछ इलाकों में 10 से 12 फुट तक पानी भरा हुआ है। उन्होंने पत्रकारों से कहा कि भारी बारिश और अजवा बांध से पानी छोड़े जाने के कारण शहर से होकर बहने वाली विश्वामित्री नदी मंगलवार को ही 25 फुट के खतरे के निशान को पार कर गई।

उन्होंने कहा, "अजवा बांध का जलस्तर फिलहाल 213.8 फुट है। हमने गेट बंद कर दिए हैं। ताकि विश्वामित्री नदी में अतिरिक्त पानी न जाए। नदी फिलहाल 37 फुट पर बह रही है, जो खतरे के निशान से काफी ऊपर है। पानी शहर में घुस गया है और कई इलाके जलमग्न हो गए हैं।"

मंत्री ने कहा कि सेना की चार टुकड़ियां फिलहाल शहर में राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं। उन्होंने कहा कि दीर्घकालिक समाधान के रूप में राज्य सरकार बाढ़ के पानी को विश्वामित्री नदी में छोड़ने के बजाय नर्मदा नहर में डालने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है।

पटेल ने कहा, "वडोदरा में स्थिति चिंताजनक है, क्योंकि नदी के दोनों ओर कई इलाकों में अभी भी 10 से 12 फुट पानी भरा हुआ है। कुछ इलाकों में चार से पांच फुट पानी भरा हुआ है। स्थानीय प्रशासन ने 5,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया। करीब 1,200 फंसे हुए लोगों को बचाया है।" पटेल ने बताया कि सिद्धार्थ नगर, अकोटा, हरनी-समा रोड, फतेहगंज, मुंजमहुदा और वडसर सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्र हैं।

अब तक 16 की मौत

गुजरात में बारिश से संबंधित घटनाओं में दो दिनों में 16 लोगों की मौत हो गई है। जबकि हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राज्य के कुछ हिस्सों में बुधवार को लगातार चौथे दिन भी बारिश जारी है। वहीं, एक अधिकारी ने बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में से 8,500 लोगों को बचाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल से फोन पर बातचीत कर स्थिति का जायजा लिया। साथ ही इस संकट में केंद्र की ओर से हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

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