Heart Attack: दिल का दौरा पड़ने की घटनाएं दुनिया भर में बढ़ती जा रही हैं। हार्ट अटैक की समस्याएं पुरुष और महिलाओं दोनों को करना पड़ता है। आज कल की बदलती लाइफ स्टाइल, डाइट और रेगुलर एक्सरसाइज न करने से कई तरह की बीमारियां बढ़ती जा रही हैं। आयुर्वेद में बताया गया है कि मुंह की गंदगी और दिल की बीमारियों के बीच गहरा संबंध है। वहीं मसूड़ों से खून निकलना, सूजन आदि समस्याओं के चलते भी हार्ट अटैक का खतरा बना बना रहता है। मसूड़ों में इंफेक्शन होने के चलते सॉफ्ट टिश्यू डैमेज हो जाते हैं। जिसका समय रहते इलाज कराना बेहद जरूरी है।
हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि 45 साल की उम्र के बाद दिल का खयाल रखना बेहद जरूरी है। जानकारों का कहना है कि मुंह में की तरह के बैक्टीरिया रहते हैं। ओरल हाइजिन का खयाल नहीं रखने पर ये बैक्टीरिया एक्टिव हो जाते हैं। जिससे शरीर पर बुरा असर पड़ता है।
हार्ट अटैक और दांतों का संबंध
कई रिसर्च में कहा गया है कि मुंह की गंदगी और दिल की बीमारी के बीच गहरा रिश्ता है। गंदे दांत और मसूड़ों में सूजन के साथ दिल की नसें बंद होने की समस्या हो सकती है। जिसे हार्ट अटैक जैसी दिल की बीमारी का पहला लक्षण भी मान सकते हैं। ये कई महीनों पहले से दिखने लगता है। लिहाजा ऑयल पुलिंग और गुनगुने पानी से गरारे करके ओरल हेल्थ सही रख सकते हैं। ओरल हेल्थ को सही रखने के लिए रोजोना खाना खाने के बाद ब्रश जरूर करना चाहिए। इसके साथ ही तंबाकू का सेवन नहीं करना चाहिए। खाना खाने के बाद मुंह की सफाई अच्छे से करना चाहिए।
खाने में ऐसे तेल का इस्तेमाल न करें
दिल को बीमारियों से बचाने के लिए कैनोला, पाल्म और सनफ्लोवर ऑयल को खाने में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। इसकी वजह ये है कि ये हाई प्रोसेस्ड और अनस्टेबल ऑयल होते हैं। जो कि दिल में इंफ्लामेशन बढ़ाते हैं। खाना पकाने के लिए हेल्दी फैट वाला ऑलिव ऑयल, घी और तिल का तेल इस्तेमाल करना चाहिए।
हर दिन औसतन 30 मिनट यानी आधा घंटा जरूर पैदल चलना चाहिए। चलने से दिल की बीमारियों का खतरा 40 फीसदी तक कम किया जा सकता है। चनले से वजन, कोलेस्ट्रॉल और बीपी लेवल को कंट्रोल में रखा जा सकता है।