Get App

देश के दानवीरों की लिस्ट में HCLTech के शिव नादर सबसे आगे, रिलायंस ने CSR पर सबसे ज्यादा खर्च किया

इडलगिव हुरुन इंडिया ने दानवीरों की लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज, HCLTech, बजाज ग्रुप, आदित्य बिड़ला ग्रुप प्रमुख रूप से जिक्र किया है। HCLTech के फाउंडर शिव नादर पिछले 5 साल में तीसरी बार इस लिस्ट में अव्वल हैं। उनकी संस्था शिव नादर फाउंडेशन इंस्टीट्यूशंस ने वित्त वर्ष 2024 में 2,153 करोड़ रुपये दान किए और इस हिसाब से यह आंकड़ा 5.9 करोड़ रुपये रोजाना है

MoneyControl Newsअपडेटेड Nov 07, 2024 पर 3:31 PM
देश के दानवीरों की लिस्ट में HCLTech के शिव नादर सबसे आगे, रिलायंस ने CSR पर सबसे ज्यादा खर्च किया
देश के दानवीरों की लिस्ट में HCLTech के फाउंडर शिव नादर सबसे ऊपर हैं।

इडलगिव हुरुन इंडिया ने दानवीरों की लिस्ट में रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL), HCLTech, बजाज ग्रुप, आदित्य बिड़ला ग्रुप प्रमुख रूप से जिक्र किया है। HCLTech के फाउंडर शिव नादर पिछले 5 साल में तीसरी बार इस लिस्ट में अव्वल हैं। उनकी संस्था शिव नादर फाउंडेशन इंस्टीट्यूशंस ने वित्त वर्ष 2024 में 2,153 करोड़ रुपये दान किए और इस हिसाब से यह आंकड़ा 5.9 करोड़ रुपये रोजाना है।

RIL की चैरिटी इकाई रिलायंस फाउंडेशन इस मामले में दूसरे स्थान पर रही और इसने 407 करोड़ रुपये दान किए। इसके बाद 352 करोड़ रुपये के दान के साथ बजाज ग्रुप ट्रस्ट तीसरे स्थान पर था। कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के मामले में मुकेश अंबानी की अगुवाई वाली कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे आगे हैं और इस मद में कंपनी की योगदान 900 करोड़ रुपये रहा।

निजी तौर पर दान करने की बात करें, तो नादर एक बार फिर इस लिस्ट में टॉप पर रहे और उनका योगदान 1,992 करोड़ रुपये रहा। इसके बाद इंफोसिस के को-फाउंडर नंदन नीलेकणि और INDO MIM Tec के चेयरमैन कृष्णा चिवुकुला ने क्रमशः 307 करोड़ रुपये और 228 करोड़ रुपये दान किए। नीलेकणि की पत्नी रोहिणी नीलेकणि भी टॉप 10 दानवीरो की लिस्ट में शामिल थीं और उन्होंने 154 करोड़ रुपये का योगदान किया। वित्त वर्ष 2024 के दौरान वह महिला दानवीरों की लिस्ट में सबसे आगे थीं।

रिपोर्ट के मुताबिक, इडलगिव-हुरुन इंडिया लिस्ट के टॉप 10 दानवीरों ने वित्त वर्ष 2024 के दौरान सामूहिक तौर पर 4,625 करोड़ रुपये का योगदान किया और लिस्ट में मौजूद कुल दान में उनकी हिस्सेदारी तकरीबन 53 पर्सेंट रही। हुरुन इंडिया के फाउंडर और चीफ रिसर्चर रहमान जुनैद ने बताया, ' भारत में चैरिटी का परिदृश्य बदल रहा है और यह एक ऐसे भविष्य की तरफ इशारा करता है जहां पैसे कमाने के साथ-साथ सामाजिक बदलाव को लेकर सक्रिय पहल भी देखने को मिलेगी।'

सब समाचार

+ और भी पढ़ें