दिग्गज आईटी कंपनी इंफोसिस (Infosys) के फाउंडर एनआर नारायण मूर्ति के मुताबिक प्राइमरी और सेकंडरी स्कूल के शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए हर साल कम से कम 100 करोड़ डॉलर का निवेश करने की जरूरत है। इससे बेहतर परिणाम मिलेंगे। उन्होंने ये बातें इंफोसिस साइंस फाउंडेशन में इंफोसिस प्राइज सेरेमनी में कही। इस समारोह में सालाना भारत समेत दुनिया भर के वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, प्रोफेसर्स और इकनॉमिस्ट्स को छह श्रेणियों में पुरस्कार दिए जाते हैं। इसी समारोह में नई शिक्षा नीति पर बोलते हुए ही उन्होंने कहा कि इसके नतीजे फटाफट पाने के लिए कदम तेज बढ़ाने चाहिए। एक शिक्षक के बेटे नारायण मूर्ति ने यह भी कहा कि देश को अपने शिक्षकों और शोधकर्ताओं को सम्मान देना चाहिए और बेहतर वेतन देना चाहिए।
नई शिक्षा नीति के नतीजे ऐसे मिलेंगे फटाफट
इंफोसिस के फाउंडर नारायण मूर्ति ने नई शिक्षा नीति के नतीजे में तेजी लाने के लिए अहम कदम सुझाया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर से साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स के 10 हजार रिटायर्ड टीचर्स को बुलाया जाए और फिर उनकी मदद से शिक्षकों को प्रशिक्षित करने के लिए देश भर में 2500 टीचर ट्रेनिंग कॉलेज खोले जाएं। इन कॉलेजों में एक साल की ट्रेनिंग दी जानी चाहिए। चार ट्रेनर्स का एक ग्रुप एक साल में प्राइमरी स्कूल के 100 और सेकंडरी स्कूल के 100 टीचर्स को प्रशिक्षित कर सकता है यानी कि हर साल प्राइमरी स्कूल और सेकंडरी स्कूल के 2.5-2.5 लाख टीचर प्रशिक्षित हो जाएंगे।
प्रशिक्षण पाकर ये टीचर्स पांच साल में खुद भी ट्रेनर्स बन सकते हैं। नारायण मूर्ति के मुताबिक इसमें सालाना 1 लाख डॉलर का पेमेंट दिया जाना चाहिए। 20 साल के इस कार्यक्रम पर सालाना 100 करोड़ डॉलर का खर्च आएगा। इस खर्च को लेकर इंफोसिस के फाउंडर का कहना है कि देश की इकॉनमी जल्द ही 5 लाख करोड़ डॉलर की होने वाली है तो ट्रेनिंग कार्यक्रम से बड़ा वित्तीय बोझ नहीं होगा।
Infosys Prize 2023 में किसे-किसे मिला सम्मान
इंफोसिस साइंस फाउंडेशन (आईएसएफ) ने छह श्रेणियों इंजीनियरिंग और कंप्यूटर विज्ञान, ह्यूमनिटीज, लाइफ साइंस, मैथमेटिकल साइंस, फिजिक्स और सामाजिक विज्ञान में इंफोसिस पुरस्कार 2023 के विजेताओं की घोषणा की। हर श्रेणी के इंफोसिस पुरस्कार में एक स्वर्ण पदक, एक प्रशस्ति पत्र और 1 लाख डॉलर का पुरस्कार दिया जाता है। ज्यूरी की अंतरराष्ट्रीय समिति ने 224 नामों में से विजेताओं का चयन किया।
इंजीनियरिंग और कंप्यूटर विज्ञान श्रेणी में आईआईटी-कानपुर में सस्टेनेबल एनर्जी इंजीनियरिंग के प्रोफेसर सच्चिदा नंद त्रिपाठी, ह्यूमनिटीज में साइंस गैलरी बंगलुरु की फाउंडिंग डायरेक्टर जाह्नवी फाल्के, लाइफ साइंस में आईआईटी कानपुर में बॉयोलॉजिकल साइंसेज एंड बॉयोइंजीनियरिंग के प्रोफेसर अरुण कुमार शुक्ल, मैथमेटिकल साइंसेज कैटेगरी में इंस्टीट्यूट फॉर एडवांस्ड स्टडी एंड प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के फर्नहोल्ज ज्वाइंट प्रोफेसर भार्गव भट्ट, फिजिकल साइंसेज में नेशनल सेंटर फॉर बॉयोलॉजिटकल साइंसेज में बॉयोकेमिस्ट्री, बायोफिजिक्स और बॉयोइंफॉर्मेटिक्स के प्रोफेसर मुकुंद थट्टाई और सोशल साइंसेज कैटेगरी में यह सम्मान कोलंबिया यूनिवर्सिटी में पॉलिटिकल साइंस की प्रोफेसर करुणा मंटेना को मिला।