भारत के अवैध कॉल सेंटरों ने भोले-भाले अमेरिकियों से ऐंठे 25,000 करोड़ रुपये, FBI का खुलासा- 'रंगीन बातों' के बहाने की अरबों की ठगी

Indian Illegal Call Centres: FBI के मुताबिक, इस फर्जीवाड़े गैंग ने पिछले दो वर्षों में भोले-भाले बुजुर्ग अमेरिकी नागरिकों को 3 बिलियन डॉलर (25,000 करोड़ रुपये) से अधिक का नुकसान पहुंचाया है। इस बड़े टेक फ्रॉड के बाद अमेरिकी जांच एजेंसी एक्शन में आ गई है

अपडेटेड Dec 26, 2022 पर 5:45 PM
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भारत में अवैध तरीके से सक्रिय कॉल सेंटर्स ने लाखों अमेरिकी नागरिकों को अरबों रुपयों का चूना लगा दिया है

भारत (India) के लिए एक बहुत ही बड़ी शर्मिंदगी की खबर सामने आई है। अमेरिकी जांच एजेंसी (FBI) ने खुलासा किया है कि पिछले दो सालों के दौरान भारत में कार्यरत अवैध कॉल सेंटरों (Indian illegal call centres) और फिशिंग गैंग (Phishing gangs in India) ने अमेरिकी नागरिकों को लगभग 25,000 करोड़ रुपये (3 बिलियन डॉलर) का चूना लगाया है। यह राशि मोटे तौर पर 2022 में त्रिपुरा के बजट के बराबर है। FBI के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में भोले-भाले बुजुर्ग अमेरिकी नागरिकों को 3 बिलियन डॉलर (25,000 करोड़ रुपये) से अधिक का नुकसान पहुंचाया है। इस बड़े टेक फ्रॉड के बाद अमेरिकी जांच एजेंसी एक्शन में आ गई है।

इस फर्जीवाड़े में पिछले साल बड़ी उछाल देखी गई। पिछले 11 महीनों में भारतीय स्कैमर्स ने भोले-भाले नागरिकों से 10.2 बिलियन डॉलर का लालच दिया। इनमें रोमांस स्कैम, फोन स्कैम, मास-मेलिंग फ्रॉड स्कीम और टेक-सपोर्ट फ्रॉड स्कीम शामिल हैं।

FBI ने शुरू की जांच


इस ऑनलाइन धोखाधड़ी की गंभीरता को देखते हुए FBI ने अब नई दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में एक स्थायी सलाहकार को CBI, इंटरपोल और के साथ मिलकर काम करने के लिए नियुक्त किया है। दिल्ली पुलिस (Delhi Police) का कहना है कि वह जल्द ही इन गैंग का भंडाफोड़ करेगी। भारत की धरती से काम करने वाले इस सिंडिकेट को क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से ट्रांसफर रकम को जब्त करेगी।

अमेरिका बुजुर्गों को बनाया शिकार

एक इंटरव्यू में अमेरिकी दूतावास से जुड़े कानूनी और FBI के दक्षिण एशिया प्रमुख सुहेल दाउद ने टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि पीड़ितों द्वारा एफबीआई की वेबसाइट पर रिपोर्ट की गई रोमांस से जुड़ी धोखाधड़ी 2021 में 8,000 करोड़ रुपये का अनुमानित नुकसान दर्शाती है। वहीं, 2022 के अंतिम 11 महीनों में भी यह आंकड़ा 8,000 करोड़ रहा। ‘टेक्निकल सपोर्ट’ से जुड़े इस क्राइम में इसमे जोड़ें तो दो वर्षों में नुकसान 3 अरब डॉलर से अधिक है। इन धोखाधड़ी के शिकार ज्यादातर लोग 60 साल से ऊपर की उम्र के हैं।

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न्यूज 18 के मुताबिक, दाउद ने TOI से कहा कि यह अभी तक एक राष्ट्रीय सुरक्षा चिंता का विषय नहीं हो सकता है, लेकिन एक देश प्रतिष्ठा इसमें शामिल है। उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते कि भारत को इससे नुकसान उठाना पड़े। CBI और इंटरपोल इन अपराधों की जांच में मजबूत भागीदार रहे हैं। उन्होंने कहा कि FBI शामिल अपराधियों पर मुकदमा चलाने में स्थानीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों को सबूत प्रदान करके खोजी अंतराल को पूरा करने के लिए तैयार है।

जांच के दौरान पकड़ी गई शेल कंपनियों की लिस्ट

- Manu Chawla and Achievers A Spirit of BPO Solutions Private Limited

- Fintalk Global

- Dinesh Manohar Sachdev and Global Enterprises

- Gaje Singh Rathore and Shivaay Communication Private Limited

- Sanket Modi and SM Technomine Private Limited

- Rajiv Solanki and Technomind Info Solutions

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