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Indian Railways: कई बार ट्रेन को स्टेशन से पहले आउटर पर क्यों रोक दिया जाता है? जानिए वजह

Indian Railways: ट्रैक की कमी और ट्रेनों की बढ़ती संख्याओं की वजह से ज्यादातर ट्रेनें अपने तय समय से लेट हो जाती हैं। ऐसे में स्टेशन पहुंचने के पहले अगर प्लेटफॉर्म पर जगह खाली नहीं है तो ट्रेन को स्टेशन के बाहर रोक दिया जाता है। यह फैसला स्टेशन मैनेजर का होता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Feb 26, 2023 पर 12:25 PM
Indian Railways: कई बार ट्रेन को स्टेशन से पहले आउटर पर क्यों रोक दिया जाता है? जानिए वजह
आउटर पर खड़ी ट्रेन को कई बार घंटों का इंतजार करना पड़ सकता है

Indian Railways: देश में आज भी बहुत से लोग लंबे सफर के लिए ट्रेन का सहारा लेते हैं। यह काफी आरामदायक होता है। सफर के दौरान आपने अनुभव किया होगा कि कभी-कभी ट्रेन को स्टेशन के बाहर रोक दिया जाता है। कब तक ट्रेन स्टेशन के बाहर खड़ी रहेगी। इसका कोई अनुमान नहीं रहता है। कई बार यात्री इससे इतना परेशान हो जाते हैं कि वो ड्राइवर से ही बहस करने लग जाते हैं। लेकिन, उन्हे शायद इस बात की जानकारी नहीं होती हैं कि ट्रेन को आउटर पर रोकने का जिम्मेदार ड्राइवर नहीं होता है।

हालांकि इस मामले में लोको पायलट कुछ नहीं कर सकता है। ट्रेनों को आउटर पर रोकने का फैसला उसका नहीं होता है। उसे जब तक ग्रीन सिग्नल नहीं मिलेगा वह आगे नहीं सकता है।

क्यों रुकती है आउटर पर ट्रेन?

ऐसा एक साथ 2 या उससे अधिक ट्रेनों के एक ही प्लेटफॉर्म पर पहुंचने के कारण होता है। आमतौर पर स्टेशनों पर ट्रेनों का प्लेटफॉर्म तय रहता है। ताकि लोगों को ज्यादा दिक्कत न हो। हालांकि, कभी-कभी इनमें परिस्थिति के अनुसार बदलाव भी किया जाता है। से कुछ ऐसे समझते हैं कि मान लीजिए श्रमजीवी एक्सप्रेस को लखनऊ में 3 नंबर प्लेटफॉर्म पर लाना है। उसी समय संपर्क क्रांति या कोई अन्य ट्रेन भी वहां आ जाए और उसका प्लेटफॉर्म नंबर भी 3 ही है। ऐसे में किसी एक को आउटर पर खड़ा करना होगा। हालांकि यह कोशिश की जाती है कि जो ट्रेन समय पर चल रही है। उसे वरीयता देते हुए स्टेशन पर पहले एंट्री दे दी जाए। फिर इसके बाद अन्य ट्रेनों को प्राथमिकता दी जाती है।

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