जानें पिछले 100 सालों में कब आया था सबसे विनाशकारी भूकंप, चीन में मारे गए थे 8 लाख से भी ज्यादा लोग
earthquake: पिछले 100 सालों के दौरान दुनिया में कई बार ऐसे भूकंप आए हैं जिनमें लाखों की संख्या में लोग मारे गए। यहां तक कि कुछ भूकंपों की वजह से सुनामी और परमाणु आपदाएं भा आई हैं। तुर्की और सीरिया में सोमवार की सुब आया भूकंप भी सदी के सबसे भीषण भूंकपों में से एक है। आइये डालते हैं एक नजर अभी तक के सबसे भीषण भूकंप पर
6 फरवरी यानी सोमवार की सुबह तुर्की और सीरिया में एक के बाद एक चार बार भीषण भूकंप के झटके महसूस किए गए। इस भूकंप में अभी तक 5 हजार से भी ज्यादा लोगों के मारे जाने की आशंका है। वहीं अभी भी कई सारे लोग मलबे में दबे हुए हैं। इस भूकंप में कई सारी इमारतें जमीदोंज हो गईं। रिक्टर स्केल पर पहले भूकंप की तीव्रता 7.8, दूसरे भूकंप की 7.5 और तीसरे और चौथे दोनों ही भूकंप की तीव्रता 6 आंकी गई। मंगलवार की सुबह भी तुर्की में भूकंप के झटके महसूस किए गए जिसकी तीव्रता 5.6 मापी गई थी। तुर्की और सीरिया में आया यह भूकंप इस सदी के सबसे भीषण भूकंपों में से एक है। आइये डालते हैं एक नजर अभी तक के सबसे भीषण भूकंप पर।
अफगानिस्तान- 22 जून, 2022
पिछले साल अफगानिस्तान में 6.2 तीव्रता का भूकंप आया था जिसमें 1,100 से ज्यादा लोग मारे गए थे। इस भूकंप में 4,500 घरों को भी नुकसान पहुंचा था।
इंडोनेशिया- 28 सितंबर, 2018
इंडोनेशिया में साल 2018 में 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 4,300 से अधिक लोग मारे गए। इस भूकंप से पहले भी कई सारे छोटे छोटे भूकंप आए थे। रिक्टर स्केल पर इन भूकंपों की तीव्रता 6.1 मापी गई थी।
नेपाल- 25 अप्रैल, 2015
नेपाल में साल 2015 में आया यह भूकंप पिछले कुछ सालों के दौरान आने वाले भूकंपों में यह सबसे भीषण भूकंप था। इस भूकंप के झटके भारत में भी कई जगहों पर महसूस किए गए थे। इस भूकंप की तीव्रता 7.8 मापी गई थी। यह साल 1934 के बाद आया नेपाल का सबसे भयानक भूकंप था। इस भूकंप में 8,800 से भी ज्यादा लोग मारे गए थे।
जापान- 11 मार्च 2011
साल 2011 में जापान में आया यह भूकंप सदी का दूसरा सबसे भीषण भूकंप माना जाता है। इस भूकंप की वजह से सुनामी तक आ गई थी। रिक्टर स्केल पर इस भूकंप की तीव्रता 9.0 मापी गई थी। भूकंप की वजह से 20 हजार से भी ज्यादा लोग मारे गए थे। यहां तक कि इससे फुकुशिमा परमाणु रिएक्टर में एटॉमिक डिजास्टर भी पैदा हो गया था।
हैती- 12 जनवरी, 2010
साल 2010 में हैती में आए इस भूकंप की तीव्रता 7.0 थी। यह इतना भयानक ता कि इसके झटके पड़ोसी देशों क्यूबा और वेनेजुएला तक में महसूस किए गए थे। इस भूकंप की वजह से 316,000 लोग मारे गए थे। शुरुआती झटकों की तीव्रता 7.0 दर्ज की गई और इसके तुरंत बाद 5.9 और 5.5 तीव्रता के दो आफ्टरशॉक्स आए।
चीन- 12 मई, 2008
साल 2008 में चीन के पूर्वी सिचुआन में 7.9 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके परिणामस्वरूप 87,500 से अधिक लोग मारे गए थे। इमारत के गिरने से स्कूलों में लगभग 10,000 बच्चों की मौत हो गई थी। एक अनुमान के मुताबिक इस भूकंप से कुल 86 अरब डॉलर से भी ज्यादा का मुकसान हुआ था। भू
पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर- 8 अक्टूबर, 2005
पाकिस्तान के कश्मीर क्षेत्र और उत्तर-पश्चिम सीमांत प्रांत में साल 2015 में 7.6 तीव्रता के भूकंप से 80,000 से अधिक लोग मारे गए। भारत और अफगानिस्तान में भी इसका असर देखने को मिला था।
इंडोनेशिया- 26 दिसंबर, 2004
साल 2004 में इंडोनेशिया में आने वाला यह भूकंप सदी के कुछ सबसे भीषण और भयानक भकंपों में से एक है। इंडोनेशिया में 9.1 तीव्रता के भूकंप ने हिंद महासागर में सूनामी को जन्म दिया, जिसमें एक दर्जन देशों में 230,000 लोग मारे गए था। कुछ जगहों पर पर तो सुनामी लहरों की ऊंचाई को 30 फीट तक का दर्ज किया गया था।
ईरान- 26 दिसंबर, 2003
26 दिसंबर 2003 को ईरान के बाम जिले में 6.6 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसके परिणामस्वरूप 50,000 लोगों की मौत हुई थी। राहत कार्यों में सहायता के लिए 44 देशों ने अपने कर्मियों को भेजा था।
गुजरात- 2001
साल 2001 में गुजरात के कच्छ में आया यह भूकंप भारत की सबसे बड़ी आपदाओं में से एक था। गुजरात के कच्छ जिले में इस भूकंप की तीव्रता 7.7 आंकी गई थी जिसमें 20,000 लोग मारे गए। अकेले भुज में 13,500 और अहमदाबाद में लगभग 800 लोग मारे गए थे। पाकिस्तान में भी कई लोगों की जान चली गई थी।
अफगानिस्तान
अफगानिस्तान में हिंदू कुश क्षेत्र में दो अलग-अलग भूकंप आए थे, जिसमें लगभग 7,000 लोग मारे गए थे। इन दोनों की तीव्रता 6.6 के आसपास थी। पहला भूकंप 4 फरवरी को आया था, जिसमें 2,300 लोग मारे गए थे। दूसरा भूकंप 30 मई को आया था, जिसमें 4,700 और मारे गए।
चीन- 28 जुलाई, 1976
बीजिंग के पूर्व में तांगशान शहर में 7.5 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें 242,000 लोग मारे गए। ब्रिटानिका के अनुसार, मरने वालों की संख्या 655,000 तक हो सकती है। भूकंप में लगभग 700,000 लोग घायल हुए थे।
पेरू- 31 मई, 1970
साल 1970 में पेरू के तट पर आए भूकंप से लगभग 70,000 लोग मारे गएथे। यह भूकंप 45 सेकंड तक रहा, और इसने पूरे देश में बड़े पैमाने पर भूस्खलन किया।
चिली- 22 मई, 1960
साल 1960 में चिली में आए इस भूकंप को अभी तक का सबसे शक्तिशाली भूकंप भी माना जाता है। इस भूकंप की तीव्रता 9.5 आंकी गई थी। यह भूकंप लगभग 10 मिनट तक चला था और इसमें लगभग 1,000-6,000 लोग मारे गए थे। इस भूकंप के कारण सुनामी आई थी और इसे अक्सर वाल्डिविया भूकंप कहा जाता है।
जापान- 1 सितंबर, 1923
साल 1923 में जापान में 7.9 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसे ग्रेट कांटो भूकंप भी कहा जाता है। इस भूकंप में 142,000 से अधिक लोग मारे गए थे। भूकंप ने 12 मीटर तक की ऊंचाई के साथ सूनामी भी पैदा की थी। यहां तक कि भूकंप के बाद आग और बवंडर तक की घटनाएं दखी गई थीं।
चीन- 23 जनवरी, 1556
यह भूकंप दुनिया के इतिहास में सबसे विनाशकारी भूकंप माना जाता है। 8 की तीव्रता के साथ, भूकंप ने चीन के शानक्सी क्षेत्र को दहला दिया, जिसमें 830,000 लोग मारे गए। भूकंप का प्रभाव ऐसा था कि कुछ देशों में अनुमान लगाया गया है कि 60 प्रतिशत आबादी की मौत हो गई थी। 700,000 से अधिक लोग देश के अन्य भागों में चले गए, और अकाल और प्लेग के कारण हजारों लोग मारे गए।