India दुनिया की 5वीं सबसे बड़ी इकोनॉमी (fifth biggest economy of world) बन गया है। यह हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। खासकर तब जब हम आजादी के 75 साल का जश्न मना रहे हैं। इंडिया पर सैकड़ों साल शासन करने वाले इंग्लैंड की इकोनॉमी के मुकाबले इंडिया की इकोनॉमी बड़ी हो चुकी है।
कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) के सीईओ उदय कोटक (Uday Kotak) ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि यह इंडिया के लिए गौरव का क्षण है, क्योंकि इंडिया की इकोनॉमी इस पर राज करने वाले इंग्लैंड की इकोनॉमी से बड़ी हो गई है। लेकिन, साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हमें आबादी को ध्यान में रख असल तस्वीर को देखने की जरूरत है।
कोटक ने कहा कि इंडिया की आबादी जहां 1.4 अरब है वही इंग्लैंड की आबादी करीब 0.068 अरब है। इसलिए प्रति व्यक्ति आय के लिहाज से इंडिया को इंग्लैंड तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी। उन्होंने इस बारे में ट्विट किया। इसमें उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि इंडिया की इकोनॉमी 3.5 ट्रिलियन की हो चुकी है, जबकि इंग्लैंड की इकोनॉमी 3.2 ट्रिलियन की है।
इंटरनेशनल मॉनेटरी फंड (IMF) के जीडीपी डेटा के मुताबिक, इंडिया 2021 के पहले तीन महीनों में ब्रिटेन को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी इकोनॉमी बन गया है। इस उपलब्धि पर उद्योग जगत की कई बड़ी हस्तियों ने खुशी जताई है।
महिंद्रा एंड महिंद्रा ग्रुप (Mahindra & Mahindra Group) के चेयरमैन आनंन महिंद्रा (Anand Mahindra) ने कहा, "कर्म का नियम अपना काम करता है। इस खबर ने हर भारतीय का दिल खुश किया होगा, जिन्होंने इसकी आजादी की लड़ाई लड़ी है और कुर्बानियां दी हैं। यह उन लोगों के लिए भी मुंहतोड़ जवाब है जिन्होंने यह सोचा था कि आजादी के बाद इंडिया बदहाली में चला जाएगा।"
इंडिया की इकोनॉमी ने पिछले एक दशक में तेज रफ्तार दिखाई है। एक दशक पहले यह दुनिया में 11वें पायदान पर थी, जबकि इंग्लैंड की इकोनॉमी 5वें पायदान पर थी। अब इंडिया की इकोनॉमी पांचवें पायदान पर आ गई है, जबकि इंग्लैंड की अर्थव्यवस्था छठे पायदान पर आ गई है।