Layoff News: अमेजन ने पिछले महीने जनवरी में 18 हजार से अधिक एंप्लॉयीज की छंटनी का ऐलान किया था। कंपनी ने चुनौतीपूर्ण मैक्रो-इकोनॉमिक एनवॉयरमेंट के चलते भारी संख्या में अपने एंप्लॉयीज की छंटनी का फैसला किया था। हालांकि इसके चलते दिसंबर 2022 तिमाही में कंपनी को सेवरेंस पैकेजों पर करीब 64 करोड़ डॉलर खर्च करने पड़े। कंपनी के मुताबिक पिछले महीने जो छंटनी हुई थी, उसके सेवरेंस पैकेजों की भी लागत इसमें शामिल है। अमेजन के मुख्य वित्तीय अधिकारी Brian Olavsky के मुताबिक छंटनी को लेकर दिसंबर 2022 तिमाही में ही 64 करोड़ डॉलर (5264 करोड़ रुपये) का प्रावधान किया गया था। हालांकि इससे अगले महीने जनवरी में भी हुई छंटनी के सेवरेंस पैकेज इत्यादि को भी कवर किया गया।
Amazon से करीब 6% एंप्लॉयीज की हुई थी छंटनी
अमेजन ने पिछले महीने 18000 से अधिक एंप्लॉयीज की छंटनी का ऐलान किया था जो इसके वर्कफोर्स का करीब 6 फीसदी था। छंटनी के इस फैसले का सबसे अधिक असर इसके स्टोर्स और डिवाइस कारोबार पर पड़ा। इसके अलावा एचआर टीम से भी छंटनी हुई। भारत में कंपनी ने करीब एक फीसदी एंप्लॉयीज की छंटनी की। छंटनी के अलावा पिछले साल नवंबर 2022 में कंपनी ने अमेजनियन एक्सपीरिएंस और टेक टीम से कुछ भारतीय एंप्लॉयीज को अपनी इच्छा से कंपनी छोड़ने यानी वॉलंटरी सेपेरेशन का ऑफर दिया था।
जिन्होंने इस ऑफर को स्वीकार किया था, उन्हें 22 हफ्ते का बेस पे, पूरी सर्विसेज के हर छह महीने के लिए एक हफ्ते की बेस सैलरी (अधिकतम 20 हफ्ते तक), छह महीने के लिए मेडिकल इंश्योरेंस और नोटिस पीरियड या इसके बदले पेमेंट का एकमुश्त सेवरेंस पैकेज का ऑफर दिया गया। हालांकि बाद में नैसेंट इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एंप्लॉयीज सीनेट (NITES) की शिकायत पर सीनियर लेबर डिपार्टमेंट ने वॉलंटरी सेपेरेशन पॉलिसी को अवैध करार दिया।
टेक सेक्टर में भारी छंटनी का दबाव
पिछले कुछ महीनों से टेक सेक्टर में भारी छंटनी का दबाव दिख रहा है। जनवरी 2023 में अमेजन ने 18 हजार से अधिक एंप्लॉयीज की छंटनी का ऐलान किया था। इसके अलावा अल्फाबेट ने 12 हजार, मेटा ने 11 हजार, ट्विटर ने 4 हजार, माइक्रोसॉफ्ट ने 10 हजार और सेल्सफोर्स ने 8000 एंप्लॉयीज की छंटनी की है। इसके अलावा कई और कंपनियों ने छंटनी की है।