Lung: जहरीली हवाओं से छलनी हो रहे हैं फेफड़े, इन लक्षणों को कभी न करें इग्नोर

Lung: वायु प्रदूषण के स्तर बढ़ने से लोगों को सांस संबंधी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वैसे भी फेफड़ों की दिक्कत से जुड़े वॉर्निंग साइन अगर समय रहते पहचान लिए जाएं तो बड़ी आफत को टाला जा सकता है

अपडेटेड Nov 20, 2022 पर 3:56 PM
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पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में फेफड़ों की बीमारी का ज्यादा खतरा बना रहता है।

Lung: इंसान की बीमारी जब तक नासूर ना बन जाए तब तक उसे उसकी गंभीरता नहीं समझ आती है। हमारे फेफड़ों के लिए यह वाकया सटीक बैठता है। फेफड़ों की दिक्कत से जुड़े वॉर्निंग साइन अगर समय रहते पहचान लिए जाएं तो बड़ी आफत को टाला जा सकता है। आज कल वायु प्रदूषण बड़े स्तर पर पहुंच गया है। दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) जैसे इलाकों में जहरीली हवा से जूना दूभर हो गया है। जैसे जैसे सर्दी बढ़ती जाती है। वायु प्रदूषण और बढ़ता जाता है। ऐसे में इसके प्रति सावधान रहना बेहद जरूरी है। लंबे समय तक खांसी बलगम बना रहे तो उसे बिल्कुल भी इग्नोर न करें।

पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में इस बीमारी का ज्यादा खतरा बना रहता है। पुरुषों के मुकाबले महिलाओं के फेफड़े छोटे होते हैं। वो सिगरेट या अन्य तरह के धुएं के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं। फेफड़ों से संबंधित बीमारियों को बढ़ाने में एस्ट्रोजन भी एक मुख्य भूमिका निभाता है। दवाइयों, ऑक्सीजन.थेरेपी आदि से इस बीमारी से निजात पाया जा सकता है।

इन लक्षणों को कभी न करें इग्नोर


क्रॉनिक ऑब्‍सट्रक्टिव पल्‍मोनरी डिजीज को सीओपीडी (COPD) के नाम से भी जाना जाता है। इस समस्‍या के दौरान फेफड़ों के वायुमार्ग सिकुड़ जाते हैं। लिहाजा सांस लेने में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अगर आपका बलगम पीला या हरा नजर आता है तो इससे कह जा सकता है कि कोई इन्फेक्शन है। वहीं अगर कहीं चढ़ाई चढ़ने पर अगर आपको पूरा दिन थकावट महसूस होती है तो ये इशारा करता है कि आपके फेफड़े कमजोर हो रहे हैं। ऐसे में फौरन डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। वहीं अगर आपका वजन भी लगातार कम हो रहा है तो ये लक्षण फेफड़े से जुड़ा हो सकता है। ऐसे में जितना जल्दी हो सके डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।

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ऐसे करें फेफड़ों को मजबूत

हल्दी

फेफड़ों को प्रदूषण के जहरीले प्रभाव से बचाने के लिए हल्दी काफी फायदा करती है। इसकी वजह ये है कि इसमें एंटी-इंफ्लामेटरी गुण और यौगिक करक्यूमिन होते है। वायु प्रदूषण के कारण होने वाली फेफड़ों में जलन, सांस लेने में दिक्कत और खांसी से राहत पाने के लिए रात को सोते समय गर्म दूध में हल्दी मिलाकर पीना चाहिए।

सेब

हेल्दी फेफड़ों के लिए रोजाना सेब का सेवन फायदेमंद होता है। इसमें मौजूद विटामिन फेफड़ों को हेल्दी बनाए रखते हैं। एक शोध के मुताबिक फेफड़ों के लिए विटामिन-ई, सी, बीटा कैरोटीन और खट्टे फल काफी अच्छे माने जाते हैं।

हरी सब्जियां

हरी पत्तेदार सब्जियां स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभदायक होती हैं। हरी सब्जियां, धनिए के पत्ते, चौलाई का साग, गोभी और शलगम में विटामिन के तत्व पाए जाते हैं। इससे फेफड़ों को काफी मजबूती मिलती है। इतना ही नहीं प्रदूषण से होने वाली परेशानियों से भी बचाने में कारगर है।

शहद

खांसी और गले में खराश होने की समस्या उत्पन्न होती है। इससे राहत पाने के लिए आप रात को सोने से पहले या दिन में शहद का सेवन कर सकते हैं। शहद को काली मिर्च पाउडर और भुने हुए अदरक के साथ भी खा सकते हैं।

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