Maha Kumbh 2025: महाकुंभ मेले में वक्फ बोर्ड के बयान पर भड़के धीरेंद्र शास्त्री, कहा – वो पागल हो गए हैं, सनातन बोर्ड शुरू किया जाए

Maha Kumbh 2025 Dhirendra Krishna Shastri: महाकुंभ मेला 13 जनवरी पौष पूर्णिमा से शुरू हो जाएगा। यह 26 फरवरी महाशिवरात्रि को अंतिम शाही स्नान के साथ खत्म हो जाएगा। इस बार के मेले में बेतुका बयान देकर वक्फ बोर्ड भी सुर्खियों में छाया हुआ है। ऐसे में आचार्य धीरेंद्र शास्त्री का कहना है कि वक्फ बोर्ड बंद हो या फिर सनातन बोर्ड शुरू किया जाना चाहिए

अपडेटेड Jan 09, 2025 पर 4:51 PM
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Maha Kumbh 2025 Dhirendra Krishna Shastri: प्रयागराज में महाकुंभ मेला 45 दिन तक चलेगा।

प्रयागराज में महाकुंभ मेले की शुरुआत 13 जनवरी 2025 को पौष पूर्णिमा से हो जाएगी। गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों के संगम स्थल पर लगने वाले इस महाकुंभ मेले में दुनियाभर से करोड़ों श्रद्धालु आते हैं। त्रिवेणी संगम में तीन नदियां गंगा, यमुना और सरस्वती आपस में मिलती हैं। इन तीनों नदियों का मिलन प्रयागराज के संगम में होता है। इस बीच में महाकुंभ मेले में वक्फ बोर्ड का बेतुका बयान सुर्खियां में बना हुआ है। बोर्ड के इस बयान पर बागेश्वर बाबा धाम के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री भड़क गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे मूर्खतापूर्ण बयानों से उन्हें बचना चाहिए। वो पगलाए हुए है। ऐसे में वक्फ बोर्ड को बंद करना चाहिए या फिर सनातन बोर्ड शुरू किया जाना चाहिए।

दरअसल, वक्फ बोर्ड ने एक बयान में कहा है कि प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन वक्फ की जमीन पर हो रहा है। इससे सियासी घमासान शुरू हो गया है। इस दावे पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने वक्फ बोर्ड को आड़े हाथ लिया है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कुछ कट्टरपंथी मुस्लिम जानबूझकर देश के भीतर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। सिंह ने कहा कि 'सदियों से जिस समय इस्लाम की पैदाइश नहीं हुई थी। उस समय से कुंभ मेला लग रहा है। फिर वक्फ कहां से पैदा हो गया। जब कुंभ से पहले इस्लाम नहीं था तो वक्फ कहां से पैदा हो गया।

वक्फ बोर्ड की तर्ज पर सनातन बोर्ड बने - धीरेंद्र शास्त्री


वहीं वक्फ बोर्ड के इस बयान पर बागेश्वर बाबा धाम के आचार्य धीरेंद्र शास्त्री भड़क गए हैं। शास्त्री ने कहा कि ऐसे मूर्खतापूर्ण बयानों से उन्हें बचना चाहिए। प्राचीन काल से प्रयागराज हिंदू सनातन की जमीन रहीं है। शंकराचार्य, पुराणों, और सनातन पद्धति में इसका जिक्र किया गया है। ऐसे में इस तरह का बयान देना पागलपन है। इसका पागलपन दूर होना चाहिए। वक्फ बोर्ड को बंद करे या फिर सनातन बोर्ड की शुरुआत किया जाए। दरअसल, मध्य प्रदेश के कटनी जिले के बिरुहली में ब्रेन डिटॉक्स का एक समागम आयोजित किया गया था। जिसमें बागेश्वर बाबा धाम के धीरेंद्र शास्त्री शामिल हुए थे। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए वक्फ बोर्ड के बयान पर भड़क गए।

जानें कुंभ और महाकुंभ में अंतर

कुंभ मेला हर तीन साल में एक एक बार उज्जैन, प्रयागराज, हरिद्वार और नासिक में आयोजित होता है। अर्ध कुंभ मेला 6 साल में एक बार हरिद्वार और प्रयागराज के तट पर लगता है। वहीं पूर्ण कुंभ मेला 12 साल में एक बार आयोजित किया जाता है, जो प्रयागराज में होता है। 12 कुंभ मेला पूर्ण होने पर एक महाकुंभ मेले का आयोजन होता है। इससे पहले महाकुंभ प्रयाराज में साल 2013 में आयोजित हुआ था।

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