Mahakumbh 2025: ट्रैफिक जाम से आम लोगों की बढ़ी आफत, ऑफिस और स्कूल पहुंचना हुआ मुश्किल

Mahakumbh 2025: प्रयागराज में महाकुंभ के 38वें दिन ट्रैफिक व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। न्यू यमुना ब्रिज पर 4 किमी लंबा जाम लगने से लोग घंटों फंसे रहे। VIP गाड़ियों को छूट दी जा रही है, जबकि आम श्रद्धालुओं को दूर रोक दिया गया है। गर्मी, प्यास और जाम से श्रद्धालु व स्थानीय लोग बेहाल हैं

अपडेटेड Feb 22, 2025 पर 1:38 PM
Story continues below Advertisement
Mahakumbh 2025: प्रयागराज में महाकुंभ के दौरान भारी जाम

प्रयागराज में महाकुंभ का 38वां दिन जारी है, लेकिन श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ के कारण शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। गंगा स्नान और पूजन-अर्चन के लिए उमड़े आस्थावानों से हर सड़क ठसाठस भरी हुई है। एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर गाड़ियों की लंबी कतारें लगी हैं, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। न्यू यमुना ब्रिज पर चार किलोमीटर लंबा जाम लगने से श्रद्धालु तीन-तीन घंटे तक फंसे रहे। हालात ये हैं कि 1 किलोमीटर की दूरी तय करने में घंटों लग रहे हैं। VIP गाड़ियों को एंट्री दी जा रही है, जबकि आम श्रद्धालुओं को शहर से 10-12 किलोमीटर पहले ही रोक दिया जा रहा है।

प्रशासन की लापरवाही के चलते श्रद्धालु परेशान हैं, गर्मी और प्यास से बेहाल लोग राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं, लेकिन कोई ठोस समाधान नजर नहीं आ रहा।

VIP गाड़ियों को छूट, आम श्रद्धालु बेहाल


आम श्रद्धालुओं के लिए स्थिति और भी मुश्किल हो गई है। उन्हें शहर से 10-12 किलोमीटर पहले पार्किंग में रोक दिया जा रहा है, जबकि VIP गाड़ियों को अरैल घाट तक जाने की अनुमति दी जा रही है। केवल प्रयागराज में रजिस्टर्ड गाड़ियों को ही शहर में प्रवेश की इजाजत है, जिससे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

श्रद्धालु गर्मी और प्यास से बेहाल

ट्रैफिक जाम से श्रद्धालु परेशान हैं, लेकिन इसे खुलवाने की जिम्मेदारी न तो जिला प्रशासन ले रहा है और न ही स्थानीय पुलिस। फरवरी की चिलचिलाती गर्मी में जाम में फंसे लोगों का हाल बेहाल है। पानी जैसी बुनियादी जरूरतों का भी कोई इंतजाम नहीं किया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के लिए भी आफत बना जाम

ये जाम सिर्फ बाहरी श्रद्धालुओं के लिए ही नहीं, बल्कि प्रयागराज के स्थानीय लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बन गया है। लोग समय पर अपने ऑफिस, दुकान, स्कूल और कॉलेज नहीं पहुंच पा रहे हैं। प्राइवेट नौकरी करने वालों पर इसका खास असर पड़ा है, क्योंकि लगातार देरी से उनके रोजगार पर संकट मंडराने लगा है।

सेहत पर भी पड़ रहा बुरा असर

इस भयंकर जाम का असर न केवल दैनिक जीवन बल्कि सेहत पर भी पड़ रहा है। घंटों जाम में फंसे रहने से लोग ज्यादा पसीना बहा रहे हैं, जिससे खासतौर पर पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों को डिहाइड्रेशन की समस्या हो रही है। वहीं, ट्रैफिक में फंसी गाड़ियां लगातार धुआं छोड़ रही हैं, जिससे प्रदूषण भी बढ़ रहा है और लोगों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।

कब सुधरेगी व्यवस्था?

महाकुंभ जैसे बड़े आयोजन में ट्रैफिक व्यवस्था दुरुस्त रखना प्रशासन की जिम्मेदारी है, लेकिन मौजूदा हालात देखते हुए यह सवाल उठता है कि क्या कोई ठोस समाधान निकाला जाएगा या फिर श्रद्धालु और आम नागरिक इसी तरह परेशान होते रहेंगे?

'मोदी जी रेल यात्रा फ्री किए हैं': बिना टिकट पकड़ी गई महिलाओं का जवाब सुन लौट गए DRM, वीडियो हुआ वायरल

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।