महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव से पहले पुणे में पुलिस ने 138 करोड़ का सोना एक टेंपो से बरामद किया है। पुलिस को वाहनों की तलाशी के दौरान यह सोना मिला है। पुलिस के साथ इनकम टैक्स की टीम सोने की जांच पड़ताल में जुट गई है। राज्य में आदर्श चुनाव आचार संहिता लागू होने की वजह से जिलों की सीमाओं पर वाहनों की चेकिंग होती है। वहीं मुंबई में 52 करोड़ की नकदी, शराब, ड्रग्स और कीमती धातु जब्त की गई है। राज्य में 15 अक्टूबर को आचार संहिता लागू होने के बाद 10 दिन में 280 करोड़ के सामान जब्त हुए हैं।
पुणे के सहकारनगर इलाके में शुक्रवार सुबह 8:30 से 9:00 बजे के बीच पुलिस वाहनों की जांच पड़ताल कर रही थी। इस दौरान एक टेम्पो से अलग-अलग बक्सों में रखे संदिग्ध बोरे में 138 करोड़ के सोने के आभूषण जब्त किए गए। 22 अक्टूबर को खेड़ शिवपुर में एक निजी वाहन से करीब 5 करोड़ रुपये मिले थे। तब विपक्ष ने आरोप लगाया था कि ये कार सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना पार्टी के विधायक शाहजी बापू की है।
पुलिस टेंपो मालिक से करेगी पूछताछ
पुणे पुलिस ने बताया कि जिसने टेंपो मालिक को सोने की सप्लाई करने की जिम्मेदारी दी थी। उसे पूछताछ के लिए बुलाया गया है। इनकम टैक्स की टीम को भी जानकारी दी गई है। इनकम टैक्स की टीम चेकिंग के बाद आगे की कार्रवाई करेगी। इस बारे में पता लगाया जाएगा कि सोना अवैध रूप से ले जाया जा रहा था या वैध रूप से। हालांकि, टेंपो में सोने की डिलीवरी की बात पुलिस को भी हजम नहीं हो रही है। करोड़ों रुपये के सोने की बरामदगी के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने ड्राइवर को पकड़ लिया है। उससे भी पूछताछ कर रही है। लेकन अभी तक पुलिस को कुछ खास कामयाबी नहीं मिली है। यह भी कहा जा रहा है कि टेंपो एक निजी लॉजिस्टिक कंपनी का है। टेंपो सोने को लेकर मुंबई से पुणे जा रहा था। यह किसी प्राइवेट कंपनी का सोना है।
आखिर टेंपो से क्यों हुई सोने की सप्लाई?
टेंपो के जरिए सोने की सप्लाई कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस जांच में जुटी है कि आखिर इतना ज्यादा सोना कहां से आया और कहां इसे ले जाया जा रहा था। फिलहाल पुलिस तमाम सवालों के जवाब ढूंढ़ रही है।