Mark Zuckerberg Remark Row: फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम के स्वामित्व वाली कंपनी मेटा (Meta India Apologises) ने बुधवार (15 जनवरी) को अपने CEO मार्क जुकरबर्ग की विवादित टिप्पणी के लिए माफी मांग ली। मार्क ने कहा था कि कोविड-19 महामारी के बाद भारत सहित अधिकांश देशों की मौजूदा सरकारों को 2024 में चुनावी हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद काफी बवाल हुआ था। मेटा ने इसे "अनजाने में हुई गलती" बताया है। मेटा इंडिया के उपाध्यक्ष द्वारा माफी मांगे जाने से एक दिन पहले ही बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा था कि आईटी पर संसदीय पैनल के प्रमुख इस टिप्पणी को लेकर कंपनी के अधिकारियों को तलब करेंगे।
कंपनी ने कहा, "मार्क का अवलोकन कई देशों के लिए सही है, लेकिन भारत के लिए नहीं।" फेसबुक, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम जैसे चर्चित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की मालिकाना हक रहने वाली मेटा ने कहा, "हम इस अनजाने में हुई गलती के लिए माफी मांगना चाहेंगे। भारत अभी भी दुनिया के लिए एक अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण देश बना हुआ है।"
मेटा इंडिया के उपाध्यक्ष शिवनाथ ठुकराल ने केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव की पोस्ट का जवाब देते हुए ट्वीट (X पोस्ट) किया, "मार्क जुकरबर्ग का यह अवलोकन कि 2024 के चुनावों में कई मौजूदा दलों को फिर से नहीं चुना गया, कई देशों के लिए सही है, लेकिन भारत के लिए नहीं। हम इस अनजाने में हुई गलती के लिए माफी मांगना चाहेंगे। भारत मेटा के लिए एक अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण देश बना हुआ है, और हम इसके अभिनव भविष्य के केंद्र में होने की आशा करते हैं।"
जुकरबर्ग ने कथित तौर पर एक पॉडकास्ट में दावा किया था कि 2024 में दुनिया भर के चुनावों में भारत सहित अधिकांश मौजूदा सरकारों को चुनावी हार का सामना करना पड़ा था। सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने उन पर पलटवार करते हुए सोमवार को कहा था, "जुकरबर्ग का यह दावा कि 2024 के चुनावों में भारत सहित अधिकांश मौजूदा सरकारों को कोविड महामारी के बाद हार का सामना करना पड़ा, तथ्यात्मक रूप से गलत है।"
वैष्णव ने कहा, "80 करोड़ लोगों को मुफ्त भोजन, 2.2 अरब टीके और कोविड-19 के दौरान दुनियाभर के देशों को सहायता देने से लेकर भारत को सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था के रूप में नेतृत्व करने तक, तीसरे कार्यकाल में प्रधानमंत्री मोदी की निर्णायक जीत सुशासन और जनता के विश्वास का प्रमाण है।" मेटा को टैग करते हुए उन्होंने कहा कि खुद जुकरबर्ग की ओर से गलत सूचना प्रसारित करना निराशाजनक है। वैष्णव ने कहा, "तथ्यों और विश्वसनीयता को बरकरार रखें।"
इससे पहले खबर आई थी कि संसद की संचार और सूचना प्रौद्यागिकी मामलों की स्थायी समिति फेसबुक के संस्थापक मार्क जुकरबर्ग के एक ऐसे बयान को लेकर उन्हें तलब करेगी जिससे भारत की छवि धूमिल हुई है। समिति के अध्यक्ष और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद निशिकांत दुबे ने मंगलवार को यह जानकारी दी। दुबे ने कहा कि जुकरबर्ग को माफी मांगनी पड़ेगी।